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गोरखपुर में बेतियाहाता स्थित भारत सेवा आश्रम संघ में आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह में गुरुवार को देर शाम 7 बजे श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हरिद्वार से पधारे प्रख्यात संत स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कथा व प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और मानव सेवा का महत्व बताया। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कथा शुरू होते ही पूरा परिसर श्रद्धालुओं से भर गया और वातावरण भगवान के जयघोष, भजन-कीर्तन व वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो उठा। स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति संतों के सानिध्य में बैठकर भगवान का स्मरण करता है, तो उसके भीतर सकारात्मक सोच, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। यही संस्कार उसे कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की शक्ति देते हैं। धर्म का उद्देश्य मानवता की सेवा प्रवचन के दौरान स्वामी जी ने कहा कि धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, माता-पिता का सम्मान करना, समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ाना भी सच्ची धार्मिकता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे, तो समाज में अधिकांश समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। आध्यात्म से मिलती है मानसिक शांति उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग तनाव, चिंता और भागदौड़ भरी जिंदगी से परेशान हैं। ऐसे समय में सत्संग, ध्यान और ईश्वर का स्मरण मन को शांति देता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपनाने तथा नशे और बुरी संगत से दूर रहने की अपील की। भक्ति में डूबे श्रद्धालु
कथा के दौरान श्रद्धालु पूरे समय मंत्रमुग्ध होकर प्रवचन सुनते रहे। बीच-बीच में भजन-कीर्तन और भगवान के जयघोष से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने संत के श्रीमुख से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति ने बताया कि भारत सेवा आश्रम संघ में चल रहे इस पांच दिवसीय सत्संग समारोह में प्रतिदिन कथा, भजन, आरती और आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में शहर ही नहीं, आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर सत्संग का लाभ लेने की अपील की।
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