जौनपुर कलेक्ट्रेट में जन सुविधा केंद्र शुरू:डीएम-एसपी ने किया उद्घाटन, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण


जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को जन सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने शाम 4 बजे फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित पंजीकरण और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह केंद्र आमजन और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगा। यहां प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा। यह केंद्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक संचालित रहेगा। केंद्र के संचालन के लिए रोस्टरवार कर्मचारियों की तैनाती की गई है, साथ ही पुलिस विभाग से दोनों पालियों के लिए दो-दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। यह जन सुविधा केंद्र विशेष रूप से शनिवार और रविवार को सक्रिय रहेगा, क्योंकि अवकाश के दिनों में जमीन कब्जे से संबंधित शिकायतें अधिक प्राप्त होती हैं। आपातकालीन मामलों में शिकायत दर्ज होने के बाद उसे व्हाट्सएप के माध्यम से लेखपाल और कानूनगो तक पहुंचाया जाएगा, ताकि प्रकरण का त्वरित निस्तारण हो सके। शिकायतों के समय पर निस्तारण के बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। दो पक्षों के विवादों की सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। इस पूरे केंद्र की निगरानी जिलाधिकारी स्वयं करेंगे। जिलाधिकारी ने जन सुविधा केंद्र पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का तिथि-वार रजिस्टर एवं डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाए तथा प्रतिदिन उसकी प्रगति अपडेट की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में राजस्व एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया। भूमि विवाद, अवैध कब्जा, दीवार निर्माण अथवा अन्य संवेदनशील मामलों में शिकायत प्राप्त होते ही राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंचेगी। इससे किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी और विवाद का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जन सुविधा केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों को संबंधित विभागों के अधिकारियों से सीधे समन्वय स्थापित करने का पूर्ण अधिकार है। यदि कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी शिकायतों के निस्तारण में सहयोग नहीं करता, फोन नहीं उठाता अथवा अनावश्यक विलंब करता है, तो उसका विवरण रजिस्टर एवं अभिलेखों में अंकित किया जाए, जिससे उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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