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हाथरस में न्यायालय ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के दो आरोपियों को तीन-तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2015 का है जब पुलिस को अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। घटना 28 मई 2015 की है। सादाबाद के तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि मथुरा रोड पर नौगांवा नाले की पुलिया के पास एक कोठरी में कुछ लोग अवैध पिस्टलों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कोठरी के अंदर से तीन व्यक्ति बाहर निकले। उनमें से एक ने पुलिस को देखकर हमला करने के लिए उकसाया और अपने दाहिने हाथ में ली पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद बदमाशों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने मानवेंद्र उर्फ मंटू निवासी नौगंवा, थाना सादाबाद, और मुकेश उर्फ मोनू निवासी मोहल्ला बरौलियान, थाना सादाबाद, को दोषी ठहराया। दोनों को तीन-तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मुकेश कुमार ने पैरवी की।
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हाथरस में पुलिस टीम पर हमले के दो दोषी:कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद और जुर्माने की सुनाई सजा