फरार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट का उद्घोषणा आदेश जारी:पुलिस ने गांवों में मुनादी कर नोटिस चस्पा किए, डुगडुगी पिटवाई


सिद्धार्थनगर में कोतवाली लोटन पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तीन फरार आरोपियों के खिलाफ उनके गांवों में मुनादी कराई। यह कार्रवाई गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आरोपियों के हाजिर न होने पर की गई। पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के घरों और गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर न्यायालय की उद्घोषणा की प्रतियां चस्पा कीं। लाउडहेलर और डुगडुगी के माध्यम से पूरे गांव में उद्घोषणा की गई, जिससे ग्रामीणों को आरोपियों के फरार होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, कोतवाली लोटन में दर्ज मुकदमा संख्या 34/2026 में रामअवध पुत्र सुखलाल (निवासी गदहमरवा), रामजीत पुत्र काशी (निवासी कोल्हुआ) और भरत पुत्र प्रहलाद (निवासी कोल्हुआ छोटकाडीह) नामजद हैं। ये तीनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान उनकी लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिद्धार्थनगर ने उनके खिलाफ धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा आदेश जारी किया था। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम संबंधित गांवों में पहुंची। टीम ने सबसे पहले आरोपियों के घरों पर उद्घोषणा की प्रतियां चस्पा कीं।
इसके बाद, गांव के मिनी सचिवालय, अन्नपूर्णा भवन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी नोटिस लगाए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। पुलिसकर्मियों ने डुगडुगी बजाकर और लाउडहेलर के माध्यम से उद्घोषणा की, जिसमें आरोपियों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून से बचने के लिए फरार चल रहे आरोपियों को हर हाल में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। अधिकारियों ने आगे कहा कि उद्घोषणा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यदि आरोपी सामने नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ संपत्ति कुर्की सहित अन्य कठोर कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

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