अलीगंज अग्निकांड स्थल पर उमड़ रहे लोग:चौथे दिन भी पहुंच रहे आसपास के जिलों के लोग, बोले- लापरवाही ने ली 15 जानें


लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद घटनास्थल चर्चा का केंद्र बना हुआ है। घटना के चौथे दिन भी लखनऊ सहित बाराबंकी, रायबरेली और सीतापुर जैसे आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को त्रासदी का मुख्य कारण बताया। बाराबंकी निवासी राजू ने इस हादसे को कई परिवारों के लिए विनाशकारी बताया। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए भेजा था, वे आज असहनीय पीड़ा में हैं। राजू ने आरोप लगाया कि यदि भवन नियमों के अनुरूप नहीं था और उसे पहले आपत्तियां मिली थीं, तो उसे दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसे मामलों में कठोर कानून बनाने की मांग की। आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही रायबरेली से आए अभिषेक ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस हादसे को केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित करके देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार, जिस भवन में आग लगी, वहां विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। अभिषेक ने शहर में ऐसे हजारों भवनों की ओर ध्यान दिलाया जहां आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल एक विशेष क्षेत्र पर कार्रवाई करने के बजाय, सभी संस्थानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जांच की जानी चाहिए। उचित कार्रवाई की गई होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था सीतापुर निवासी राम प्रसाद ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं का भविष्य उज्ज्वल था, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। राम प्रसाद का मानना था कि यदि पहले प्रभावी निगरानी और उचित कार्रवाई की गई होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने सुझाव दिया कि भीड़भाड़ वाले बहुमंजिला भवनों में ऐसी गतिविधियों को सीमित किया जाए और छात्रों से संबंधित संस्थानों को सुरक्षित एवं खुले स्थानों पर संचालित किया जाए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *