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कुलियों की जीवन सुरक्षा, रेलवे में समायोजन और सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। मोर्चा का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ साल से कुलियों के अधिकारों को लेकर चल रही पहल को रोकने के लिए उसके नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव के खिलाफ जांच कराकर उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके विरोध में देशभर के कुलियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर जांच समाप्त करने और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। निजी कंपनियों के दखल का भी विरोध मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कुलियों को संवैधानिक गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। आरोप है कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान ढोने के काम में निजी कंपनियों को ठेके दिए जा रहे हैं। इससे परंपरागत रूप से इस काम से जुड़े कुलियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है। मोर्चा ने सामान ढोने के काम में निजी कंपनियों के दखल पर रोक लगाने की मांग की है। जीवन सुरक्षा को लेकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग मोर्चा का कहना है कि कुलियों की जीवन सुरक्षा को लेकर लंबे आंदोलन के बाद जांच कराई गई थी, लेकिन इसकी रिपोर्ट अब तक संसद के पटल पर नहीं रखी गई है। संगठन ने सरकार से इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और कुलियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक ओर कुलियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठाने वाले संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की। रेलवे में समायोजन और सामाजिक सुरक्षा की मांग विरोध प्रदर्शन के दौरान कुलियों ने रेलवे में समायोजन, रोजगार की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही राष्ट्रीय कुली मोर्चा की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर सरकार से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की गई।
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कुलियों के उत्पीड़न के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन:राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव के खिलाफ जांच खत्म करने की मांग