लखनऊ पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज:सीएम योगी के साथ कृषि और ग्रामीण विकास के रोडमैप पर मंथन; बोले- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के लिए वैज्ञानिक रणनीति जरूरी


केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। बैठक में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, खरीफ सीजन की तैयारियों, जल संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करने पर विशेष फोकस रहा। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने आपातकाल की वर्षगांठ पर कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए इसे “संविधान हत्या दिवस” बताया। एयरपोर्ट पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया स्वागत लखनऊ पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया। इसके बाद वह निर्धारित कार्यक्रम के तहत कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी बैठकों में शामिल हुए।
यूपी कृषि में देश का सिरमौर प्रदेश: शिवराज मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की कृषि व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है और कृषि उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा, “आज मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री के साथ कृषि और ग्रामीण विकास पर व्यापक चर्चा होनी है। उत्तर प्रदेश कृषि में हमारा सिरमौर प्रदेश है। वर्तमान परिस्थितियों में जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कृषि के लिए वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करना जरूरी हो गया है।”
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप बनाने के लिए नई तकनीकों और वैज्ञानिक उपायों को अपनाना समय की मांग है।
खरीफ सीजन-2026 की तैयारियों पर भी हुआ मंथन इससे एक दिन पहले 24 जून को कृषि भवन, लखनऊ से केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में खरीफ सीजन-2026 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में मानसून की संभावित चुनौतियों और मौसम में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए सूखा सहनशील बीजों के उपयोग, जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, डीएसआर तकनीक से धान की बुआई, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और दलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि उत्पादन को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
जल संरक्षण और आधुनिक तकनीक पर रहेगा फोकस बैठक में कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने जल संकट की चुनौतियों को देखते हुए माइक्रो इरिगेशन, वर्षा जल संचयन और कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
साथ ही धान की खेती में डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक को बढ़ावा देने और दलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
आपातकाल को बताया संविधान हत्या दिवस केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 जून को आपातकाल लागू किए जाने की वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।
उन्होंने कहा, “आज संविधान हत्या दिवस है। आज ही के दिन इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया था। लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था और पूरे देश को जेलखाना बना दिया गया था। उस दौर में लोगों पर अत्याचार हुए थे।”
उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सजग और प्रतिबद्ध रहेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

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