VIP वार्ड में 10 दिन में ही धंस गया नाला:आगरा के वार्ड-11 में नाले में गिरकर हो चुकी बच्ची की मौत, लोग बोले- काम में भ्रष्टाचार होता है


सरकारी दफ्तरों और प्रमुख बाजारों से घिरा VIP वार्ड-11 नगला मोहन बदइंतजामी का शिकार हो गया है। इसका उदाहरण हाल ही में यहां बनाया गया नाला है, जो अब ढह चुका है। लोगों ने बताया कि बनने के 10 दिन बाद ही नाले की दीवारें ढह गईं। इस नाले में गिरकर एक बच्ची की जान भी जा चुकी है। आरोप लगाया कि वार्ड में जितने भी विकास कार्य कराए गए सब में भ्रष्टाचार हुआ है। इसीलिए हालात बदतर हो गए हैं। सड़क, पानी, सफाई कुछ भी नहीं है। बारिश की महज 10 मिनट की फुहार सड़कों को तालाब में बदल देती है। चोक नाले, कूड़े के ढेर और टूटी गलियां हर दिन लोगों को दर्द दे रही हैं। खास बात यह है कि इस बदहाली को लेकर पार्षद भी नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान वार्ड की बदहाली की तमाम तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान के तहत वार्ड नंबर-11 नगला मोहन का जायजा लिया गया… वार्ड की कई गलियों में सड़कें खुदी और टूटी मिलीं। नालियां गंदगी से भरी थीं। सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए थे। जगजीवन नगर में हाल ही में बनी नाले की दीवार और इंटरलॉकिंग धंसकर नाले में समा गई। वहीं नाले पर लगी लोहे की जाली भी उखड़ी हुई मिली, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। पहले ये नजारा देखिए… 10 दिन में ढह गया नया निर्माण जगजीवन नगर में नगर निगम की खराब कार्यशैली का उदाहरण देखने को मिला। यहां 10 दिन पहले नाले की मरम्मत और गली में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम हुआ था, लेकिन उद्घाटन से पहले ही नाले की दीवार धंस गई और पूरी संरचना नाले में समा गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों ने कूड़े के ढेर पर ही निर्माण करा दिया था। वार्ड की बड़ी समस्याएं टूटी गलियां : कई मोहल्लों की सड़कें और गलियां महीनों से टूटी हुई हैं। खुदाई के बाद मरम्मत नहीं कराई गई। जलभराव : हल्की बारिश में ही सड़कें और गलियां तालाब बन जाती हैं। कई जगह पानी दिनों तक जमा रहता है। चोक नाले और नालियां : नियमित सफाई न होने के कारण नालियां और नाले गंदगी से पटे हैं, जिससे जलनिकासी प्रभावित हो रही है। पेयजल संकट : गंगाजल पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद कई इलाकों में लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा। कूड़े के ढेर : सड़क किनारे और पार्कों के आसपास कूड़ा जमा रहता है, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। अतिक्रमण : मुख्य चौराहों और बाजारों में अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। शौचालय और पार्किंग का अभाव : शाहगंज बाजार और रूई की मंडी जैसे बड़े बाजारों में महिलाओं के लिए शौचालय और पार्किंग की सुविधा नहीं है। 10 मिनट की बारिश में सड़कें बन जाती हैं तालाब सोरो कटरा, रूई की मंडी, नगला मोहन, लाल डीगी, जगजीवन नगर, पुलिस लाइन, शांति नगर और चारबाग समेत कई इलाकों में नालियां चोक होने से जलनिकासी ठप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश के कुछ मिनट बाद ही गलियां और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कई जगह पानी दो से तीन दिन तक भरा रहता है। बाजार में जलभराव से प्रभावित हो रहा व्यापार रूई की मंडी जैसे व्यस्त बाजारों में जलभराव और कीचड़ के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि लोग गंदगी और बदबू के कारण बाजार आने से बचते हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। महिलाओं के लिए नहीं है शौचालय वार्ड के प्रमुख बाजार शाहगंज और रूई की मंडी में प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। पार्किंग व्यवस्था भी न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ———– ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…

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