5 हजार दुकानें, 50 होटल रोज आते हैं 1 लाख:अट्टा बाजार में आग लगी तो बचना मुश्किल,एक-दो मीटर चौड़े रास्ते, घटना का इंतजार


नोएडा का सबसे बड़ा कॉमर्शियल बाजार अट्टा। सुबह से देर रात तक यहां भीड़ रहती है। कपड़े, जूलरी, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेस्टोरेंट और होटल… हर तरह का कारोबार यहां है। रोजाना करीब एक लाख लोग इस बाजार में पहुंचते हैं। लेकिन करोड़ों के कारोबार वाले इस बाजार में अगर आग लग जाए तो लोगों का बाहर निकलना और दमकल का अंदर पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। तस्वीरें चौंकाने वाली, ऊपर जाने का रास्ता एक मीटर से भी कम
भास्कर टीम ने अट्टा बाजार की गलियों में पड़ताल की। चार मंजिल तक बनी इमारतों में ऊपर जाने के लिए दुकानों के बीच से संकरे रास्ते बने हैं। कई जगह सीढ़ियों तक पहुंचने का रास्ता एक मीटर से भी कम चौड़ा है। पीछे की तरफ लोहे की सीढ़ियां लगी हैं, जो दो मीटर चौड़ी गलियों में उतरती हैं। ये गलियां इतनी संकरी हैं कि दो लोग एक साथ निकलने में भी मुश्किल महसूस करते हैं।

दमकल की गाड़ी अंदर कैसे पहुंचेगी?
पूरे बाजार में ऐसा कोई चौड़ा रास्ता नजर नहीं आया, जहां से दमकल की बड़ी गाड़ियां आसानी से अंदर पहुंच सकें। नियमानुसार सर्विस रोड की जरूरत है, लेकिन कई हिस्सों में अतिक्रमण और अस्थायी निर्माण के कारण रास्ते सिमट चुके हैं। यदि किसी इमारत में आग लगती है तो राहत और बचाव अभियान बड़ी चुनौती बन सकता है। गैस रिफिलिंग की दुकानें बढ़ा रहीं खतरा
पड़ताल के दौरान कई ऐसी दुकानें भी दिखाई दीं, जहां गैस रिफिलिंग का काम किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन दुकानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। बाजार के भीतर ज्वलनशील सामान की भरमार होने के कारण एक छोटी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

यहां पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
पूरे बाजार के ऊपर बिजली के तारों का जाल फैला है। दुकानदार बताते हैं कि शॉर्ट सर्किट की घटनाएं यहां आम हैं। कई बार छोटी आग और धुआं उठने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है।

एक-एक इमारत में कई होटल, फायर सिस्टम नदारद
अट्टा बाजार में 50 से ज्यादा होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं। कई इमारतों में नीचे दुकानें और ऊपर होटल बने हुए हैं। पड़ताल में कई इमारतों में फायर एक्सटिंग्विशर और फायर होज पाइप जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालना आसान नहीं होगा।
सबसे बड़ा सवाल
लखनऊ के अग्निकांड और कई बड़े बाजारों में हुई आग की घटनाओं के बाद भी क्या अट्टा बाजार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? करोड़ों के कारोबार और लाखों लोगों की आवाजाही वाले इस बाजार में सुरक्षा इंतजामों की हकीकत कई सवाल खड़े करती है।

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