![]()
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फैसला सुनाया है, कि कंपनी वादी का खराब एयर कंडीशनर (एसी) बदलकर दे या उसकी कीमत 35.500 रुपये वापस करे। वाद दाखिल करने की तिथि से भुगतान की तारीख तक 8 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। गारंटी अवधि में एसी की मरम्मत न करने पर 30 हजार रुपए हर्जाना भी देना होगा। 16 अगस्त 2018 को वाद दाखिल किया था इंपीरियल हाइट्स कल्याणपुर निवासी स्मृति सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, सर्विस सेंटर शिव इंटरप्राइजेज शारदा नगर, डाइकिन सर्विस सेंटर, एजी मार्केटिंग के खिलाफ 16 अगस्त 2018 को वाद दाखिल किया था। कहा था कि उन्होंने 11 अप्रैल 2017 को 35,500 रुपए देकर स्पिलिट एसी लिया था। कुछ माह बाद ही एसी खराब हो गया, एसी की वारंटी 12 माह थी। चार अप्रैल 2018 को टोल फ्री पर शिकायत की। एक सप्ताह बाद एसी का इनर व आउटर यूनिट रिमोट समेत अधिकृत सेंटर के कर्मचारी ले गए थे। कंपनी की ओर से नहीं मिल रहा था सही जवाब सर्विस सेंटर शिव इंटरप्राइजेज और टोल फ्री नंबर पर कई बार पूछा गया कि एसी में क्या कमी है, कब ठीक होकर मिलेगा, लेकिन कुछ नहीं बताया गया। कंपनी की तरफ से पक्ष रखा गया कि विद्युत वोल्टेज की सही आपूर्ति न होने, अनाधिकृत मैकेनिक से गलत तरीके से एसी इंस्टाल करने के कारण एसी में समस्या आई। वाद निरस्त किए जाने योग्य है। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार, सदस्य नीलम यादव और वन्दना सिंह ने गारंटी अवधि में एसी की मरम्मत न करने को सेवा में कमी मानते हुए फैसला सुनाया। कहा कि कंपनी खराब एसी की जगह दूसरा दे या उसकी कीमत लौटाए।
Source link
खराब AC देने पर फोरम ने कंपनी लगाया जुर्माना:12 माह की थी वारंटी, चंद दिनों में खराब हो गया, टाल-मटोल कर रहे थे कर्मचारी