सीतापुर में झोलाछाप के इलाज से मरीज की मौत:परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप, कार्रवाई की मांग


सीतापुर के तालगांव कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इलाज और लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत होने का आरोप लगा है। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चांदपुर निवासी 45 वर्षीय अरुण कुमार को मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज बुखार आया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए परसेंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि क्लीनिक संचालक रामनाथ यादव ने बिना समुचित चिकित्सकीय जांच के मरीज को दवाएं और इंजेक्शन दे दिए। बेटे सचिन कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उपचार के बाद अरुण कुमार की हालत में सुधार होने के बजाय तेजी से गिरावट आने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ती देख क्लीनिक संचालक घबरा गया और कुछ लोगों की मदद से मरीज को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को अस्पताल में छोड़ने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने अरुण कुमार की जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले ने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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