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तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग को पार्टी के पदाधिकारियों और नेशनल वर्किंग कमेटी की नई लिस्ट भेजी है। इसमें ममता बनर्जी को पार्टी का अध्यक्ष बताया गया है। सुभ्रत बक्शी को उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव बताया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग को भेजी गई लिस्ट 20 जून 2026 तक की संगठनात्मक स्थिति के आधार पर तैयार की गई है। इससे एक दिन पहले TMC के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने TMC की पैरलल वर्किंग कमेटी का ऐलान किया था। विधायक अरूप रॉय अध्यक्ष चुना था। इधर, TMC ने बागी गुट में शामिल होने वाले 8 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। डेरेक और डोला संयुक्त सचिव TMC की लिस्ट के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन संयुक्त सचिव हैं। सुभाषीष चक्रवर्ती को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नेशनल वर्किंग कमेटी में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, सुभ्रत बक्शी, डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, सुभाषीष चक्रवर्ती, महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय, मदन मित्रा, कल्याण बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। बागी गुट ने पैरलल कमेटी बनाई सोमवार को विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता में विशेष बैठक कर TMC की पैरलल नेशनल वर्किंग कमेटी बनाने का ऐलान किया था। गुट ने विधायक अरूप रॉय को चेयरमैन चुना था। फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को वाइस चेयरमैन बनाया गया था। बागी नेताओं का कहना है कि फरवरी 2022 में बनी नेशनल वर्किंग कमेटी का कार्यकाल फरवरी 2026 में खत्म हो गया था। नई कमेटी नहीं बनने के कारण उन्होंने नया संगठनात्मक ढांचा तैयार किया। कुनाल घोष बोले- बागी नेताओं को अधिकार नहीं TMC नेता कुणाल घोष ने बागी गुट पर पार्टी के नाम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी एक-दूसरे के पर्याय हैं। पार्टी छोड़ने की हिम्मत नहीं रखने वाले कुछ नेता संगठन में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। TMC सांसद सौगत रॉय ने भी बागी गुट को महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने पार्टी बनाई है और वही इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। —————-
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TMC ने ममता को पार्टी प्रमुख बताया:EC को वर्किंग कमेटी की लिस्ट भेजी; एक दिन पहले बागी गुट ने अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना था