1000 कोचिंग में फायर NOC सिर्फ 16 के पास:प्रयागराज में भी छात्र-छात्राओं की जान से खिलवाड़, नियम ताक पर रखकर संचालन


लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रयागराज में भी काेचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में करीब एक हजार कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं लेकिन इनमें से केवल 16 संस्थानों के पास ही अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) है। ऐसे में हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। 2023 में मिली सूची में 70 पंजीकृत कोचिंग संस्थान
अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि विभाग को वर्ष 2023 में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की सूची प्राप्त हुई थी। उस सूची के अनुसार जिले में 70 पंजीकृत कोचिंग सेंटर संचालित थे। सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन करने और आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। सिर्फ 16 संस्थान ही सुरक्षा मानक पूरे कर सके
सीएफओ ने बताया कि अब तक केवल 16 संस्थानों को ही अग्निशमन विभाग की एनओसी मिल सकी है। जिन संस्थानों ने अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित विभागों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। DIOS बोले- अद्यतन जानकारी करके ही कुछ बता पाऊंगा
जब इस संबंध में डीआईओएस संतोष कुमार राय से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद भी लगातार कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। ऐसे में यह संभव नहीं लगता कि जिले में पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की संख्या अभी भी केवल 70 ही हो। उन्होंने कहा कि अद्यतन आंकड़ों की जानकारी जुटाने के बाद ही वह इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे।
कई भवनों में नहीं हैं आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था
जानकारों का कहना है कि प्रयागराज में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संकरी गलियों, व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई स्थानों पर आपातकालीन निकास, फायर अलार्म, अग्निशामक यंत्र, हाइड्रेंट सिस्टम और सुरक्षित निकासी मार्ग जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं तक नहीं हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देशभर से आने वाले हजारों छात्र प्रतिदिन इन संस्थानों में पहुंचते हैं। विद्युत सुरक्षा विभाग से नहीं मिल सका पक्ष
मामले में विद्युत सुरक्षा की स्थिति जानने के लिए विद्युत सुरक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राहुल यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। विद्युत सुरक्षा को लेकर विभाग का पक्ष नहीं मिल पाने से यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि कोचिंग संस्थानों में वायरिंग, लोड क्षमता और अन्य विद्युत मानकों की स्थिति क्या है। प्रशासिनक अफसरों ने भी नहीं दिया जवाब
जिले में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था जानने के लिए एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा से भी संपर्क किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ऐसे में कार्रवाई की रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं हो सकी। हजारों छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल
लखनऊ एक हजार कोचिंग सेंटरों में से महज 16 के पास फायर एनओसी होना यह साबित करता है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ज्यादातर कोचिंग संचालक तो गंभीर नहीं ही हैं। एक बड़ी लापरवाही जिम्मेदारों की ओर से भी की जा रही है और यही कारण है कि कोचिंग संचालक खुलेआम स्टूडेंट्स की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

की घटना के बाद अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि प्रयागराज में संचालित सैकड़ों कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच कब होगी और बिना एनओसी तथा पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे संस्थानों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। जिले में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी को देखते हुए विशेषज्ञ नियमित फायर ऑडिट, विद्युत सुरक्षा जांच और प्रशासनिक निरीक्षण को अनिवार्य बनाने की मांग कर रहे हैं।

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