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गोंडा देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडल के 50 सरकारी अस्पतालों में कुल 224 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में 10-10 बेड, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में चार-चार बेड शामिल हैं। प्रभारी अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, देवीपाटन मंडल, डॉ. संतलाल पटेल ने आज शुक्रवार शाम 5 बजे चारों जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंडल के इन 50 अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है, जो डेंगू मरीजों का उपचार करेंगे। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, डेंगू मरीज मिलने पर प्रभावित गांवों में दवा छिड़काव के लिए 10 से अधिक टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें संबंधित गांवों में जाकर दवा का छिड़काव करेंगी। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें। डेंगू के लक्षण दिखने पर अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्का और सादा भोजन करें। साथ ही, तत्काल अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर निशुल्क जांच कराएं और पॉजिटिव पाए जाने पर इलाज में कोई लापरवाही न बरतें। प्रभारी एडी स्वास्थ्य देवीपाटन मंडल डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि संभावित डेंगू के खतरे के मद्देनजर मंडल के 50 अस्पतालों में 224 बेड आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चारों जिलों के सीएमओ के साथ वर्चुअल बैठक कर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।
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देवीपाटन मंडल के 50 अस्पतालों में 224 डेंगू बेड आरक्षित:मेडिकल स्टॉफ की 24 घंटे ड्यूटी, दवा छिड़काव के लिए टीम बनी