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एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में नवजात बच्चों के इलाज के लिए एडवांस नवजात सघन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) यूनिट तैयार कर ली गई है। जुलाई से शुरू होने वाली इस यूनिट से आगरा और अलीगढ़ मंडल समेत आसपास के 15 जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। यूनिट में जीवनरक्षक उपकरण लगाए जा चुके हैं और यहां नवजातों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।
अब तक जन्मजात विकारों की सर्जरी के बाद नवजातों को बाल रोग विभाग की एनआईसीयू में भर्ती करना पड़ता था, जो अक्सर मरीजों से भरी रहती थी। साथ ही यह यूनिट सर्जरी विभाग से करीब 500 मीटर दूर होने के कारण चिकित्सकों को देखरेख में भी परेशानी होती थी। नई एनआईसीयू यूनिट सर्जरी विभाग में ही बनाई गई है, जिससे उपचार और निगरानी दोनों आसान हो जाएंगे।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 20 बेड क्षमता वाली यूनिट तैयार हो चुकी है। शुरुआत में 10 बेड संचालित किए जाएंगे। नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और अगले महीने से इसे शुरू कर दिया जाएगा।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार यूनिट के प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर, वार्मर, बाईपेप सहित अन्य जीवनरक्षक उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही एंटी-बैक्टीरियल सिस्टम भी विकसित किया गया है। इससे गंभीर रूप से बीमार नवजातों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
बाल सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग में हर महीने नवजातों के दिमाग में पानी भरना, मलद्वार का न बनना और आंतों में रुकावट जैसे जन्मजात विकारों के 25 से 35 ऑपरेशन किए जाते हैं। विभाग में ही एनआईसीयू उपलब्ध होने से सर्जरी के बाद नवजातों की देखरेख और इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
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एसएन में जुलाई से शुरू होगी एडवांस एनआईसीयू यूनिट:20 बेड की है क्षमता, नवजातों को मिलेगी बेहतर सुविधा