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सहारनपुर के देवबंद में एक युवक ने गवाही देने से रोकने और जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना देवबंद के ग्राम रामपुर निजामपुर निवासी कार्तिक पुत्र पिकेश ने एसीजेएम कोर्ट, देवबंद में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि थाना देवबंद में 14 मई 2026 को राजकुमार पुत्र बीर सिंह की ओर से मोहित समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। कार्तिक का कहना है कि वो मामले का प्रत्यक्षदर्शी और गवाह है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 17 मई 2026 की रात करीब नौ बजे वह दवा लेने के लिए राजूपुर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में मोहित पुत्र जसवीर, गौरव पुत्र कुलवीर, रुचिन पुत्र हरपाल और विनित पुत्र बिरमपाल निवासी ग्राम रामूपुर मिले। सभी के हाथों में तमंचे और लाठियां थीं। कार्तिक का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उसे गालियां दीं और कहा कि “तुम्हें गवाही देने का मजा चखाएंगे। कार्तिक के मुताबिक, आरोपियों ने उसे जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। उसने अंधेरे और रात का फायदा उठाकर किसी तरह अपनी जान बचाई। आरोप है कि आरोपियों ने उसका पीछा भी किया और धमकी दी कि यदि उसने मुकदमे में गवाही दी तो मौका मिलने पर उसकी हत्या कर दी जाएगी। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी मोहित आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके खिलाफ अन्य प्रदेशों में भी मुकदमे दर्ज हैं। घटना के बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। कार्तिक ने कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने के आदेश देने की मांग की है। पीड़ित की गुहार को कोर्ट ने एक्सेप्ट के लिया और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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सहारनपुर में गवाही से रोकने को युवक पर फायरिंग:कोर्ट के आदेश पर चार लोगों पर जानलेवा हमला, धमकी देने का मुकदमा दर्ज