वाराणसी पहुंचे प्रसिद्ध शेफ और फिल्म निर्माता विकास खन्ना:काशी के तुलसी घाट पर किया गंगा पूजन,बोले-काशी मेरी आत्मा को जगाती है


विश्वप्रसिद्ध शेफ, लेखक, फिल्म निर्माता विकास खन्ना इन दिनों अपनी काशी यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। वाराणसी पहुंचने पर उन्होंने गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, मां गंगा का विशेष पूजन किया और प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। विकास खन्ना ने वाराणसी के ऐतिहासिक तुलसी घाट पर पहुंचकर मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने घाटों की आध्यात्मिकता और सनातन परंपराओं को करीब से महसूस किया। शाम को उन्होंने विश्वविख्यात गंगा आरती में भाग लिया और उसकी भव्यता को अपने कैमरे में कैद किया। काशी के व्यंजनों का स्वाद लिया काशी भ्रमण के दौरान खन्ना ने बनारस के प्रसिद्ध व्यंजनों का भी स्वाद चखा। उन्होंने स्थानीय खान-पान, संस्कृति और लोगों से मुलाकात कर शहर की जीवंतता को अनुभव किया। अपनी यात्रा के कई वीडियो और तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा किए, जिन्हें लाखों लोगों ने पसंद किया। अपने पोस्ट में विकास खन्ना ने काशी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखा काशी जैसा कोई शहर कभी भी मेरी आत्मा को नहीं जगाता। हर सूर्योदय एक प्रार्थना जैसा लगता है, हर घाट एक सबक सिखाता है और हर पल यह याद दिलाता है कि कुछ जगहें केवल गंतव्य नहीं होतीं, बल्कि वे जागृति होती हैं। संघर्ष से सफलता तक का सफर अमृतसर में एक पंजाबी परिवार में जन्मे विकास खन्ना का जीवन संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट फ्रांसिस स्कूल से प्राप्त की। बचपन में वे जन्मजात पैर की विकृति (क्लब फुट) से पीड़ित थे, जिसके कारण 13 वर्ष की आयु तक वे सामान्य रूप से दौड़ नहीं पाते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को नहीं छोड़ा। उन्होंने वर्ष 1991 में मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन से होटल मैनेजमेंट में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका में कलिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त की। मास्टरशेफ से मिली वैश्विक पहचान विकास खन्ना को देशभर में लोकप्रियता टीवी शो मास्टरशेफ इंडिया से मिली। वर्ष 2011 से उन्होंने इसके दूसरे सीजन से लेकर आठवें सीजन तक निर्णायक और होस्ट के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वे मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया में अतिथि निर्णायक के रूप में भी शामिल हुए। उन्होंने प्रसिद्ध शेफ गॉर्डन रामसे के लोकप्रिय कार्यक्रम किचन नाइटमेयर्स में सलाहकार शेफ के रूप में कार्य किया तथा हेल्स किचन में भारतीय व्यंजनों के विशेषज्ञ जज के रूप में भी दिखाई दिए। फिल्मों और साहित्य में भी बनाया मुकाम खान-पान की दुनिया के अलावा विकास खन्ना ने फिल्म निर्माण और लेखन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। उनकी डॉक्यूमेंट्री Kitchens of Gratitude का प्रदर्शन कान फिल्म महोत्सव के ‘मार्चे डू फिल्म’ सेक्शन में किया गया था। उनके निर्देशन में बनी पहली फीचर फिल्म The Last Color बनारस की गलियों में रहने वाली महिलाओं के संघर्ष और सामाजिक चुनौतियों पर आधारित है। यह फिल्म भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई।

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