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सहारनपुर में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 9.50 लाख रुपये उधार लेकर वापस न करने और रकम हड़पने के आरोप में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने धोखाधड़ी, धमकी और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
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नंद विहार सुनहैरा निवासी 62 वर्षीय संतराम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी आरोपी कुशलपाल निवासी हिम्मतनगर, थाना कोतवाली देहात से वर्षों पुरानी जान-पहचान थी। दोनों के बीच पारिवारिक संबंध जैसे विश्वास होने के कारण आरोपी समय-समय पर जरूरत बताकर उससे रुपये उधार लेता रहा और पहले रकम वापस भी करता रहा।
शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास के चलते आरोपी ने नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच विभिन्न तिथियों में चेक और नकद के माध्यम से कुल 9 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त किए। बाद में जब संतराम ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और तीन माह में रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि 6 अक्टूबर 2025 को पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता हुआ था। समझौते के तहत आरोपी ने 9.50 लाख रुपये का एक चेक भी दिया और 15 जनवरी 2026 तक पूरी रकम लौटाने का वादा किया था। आरोप है कि आरोपी ने न तो तय समय पर रकम लौटाई और न ही समझौते का पालन किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी की बातों में आकर उसने चेक भी बैंक में प्रस्तुत नहीं किया और बाद में उसकी वैधता अवधि समाप्त हो गई।
संतराम का आरोप है कि जब भी उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने मामले की शिकायत एक मई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी की थी तथा आरोपी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से नोटिस भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने सीजेएम न्यायालय की शरण ली। न्यायालय द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना सदर बाजार पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों व दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।