बेटे के कातिलों से पूरे परिवार को मंडरा रहा खतरा:हिंदूवादी नेता की हत्या से आक्रोश, आरोपी अभी भी फरार, न्याय की आस में सहमा परिवार


बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर स्थित गोसाई गोटिया में सोमवार रात राष्ट्रीय हिंदू महासभा के सचिव अर्जुन की हत्या के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। घटना के इतने समय बाद भी पुलिस कातिलों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। परिजनों में इस बात को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। अर्जुन के पिता राकेश मौर्य ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए कहा कि कातिल उनके दूसरे बेटे करन, बेटी पलक और पत्नी ममता को भी निशाना बना सकते हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस चाहे तो 24 घंटे में हत्यारों को सलाखों के पीछे डाल सकती है। सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात
सोमवार रात करीब 11:30 बजे 21 वर्षीय अर्जुन की हत्या की इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए तथ्यों के अनुसार, अर्पित, कुश और कपिल ने पहले अर्जुन के साथ मारपीट की और फिर उसे गोली मार दी। यह जघन्य वारदात घर से महज 50 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई। अच्छी बात यह रही कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई, जिससे पुलिस को सबूत जुटाने में मदद मिली है। पिता की मांग: हत्यारों का हो एनकाउंटर
पिता राकेश मौर्य का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने बताया कि अर्जुन परिवार का लाडला था और स्वभाव से बेहद शांत था, जो कभी किसी से झगड़ा नहीं करता था। सोमवार को अनुज नाम का युवक अर्जुन को घर से बुलाकर ले गया था, जिसके बाद इन तीनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। राकेश मौर्य ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनके बेटे के कातिलों का पुलिस एनकाउंटर करे। मुख्य आरोपी: अर्पित
22 वर्षीय अर्पित इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जिसने अर्जुन को गोली मारी थी। अर्पित के पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं और वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक उस पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था, लेकिन इस एक वारदात ने उसके आपराधिक भविष्य की शुरुआत कर दी है। दूसरा आरोपी: कुश कश्यप
19 साल का कुश कश्यप अभी महज किशोरावस्था में है और उसके चेहरे पर अभी परिपक्वता भी नहीं आई है। बावजूद इसके, वह इलाके में अपना दबदबा और आतंक कायम करना चाहता था। कुश के माता-पिता नहीं हैं और उसका पालन-पोषण उसके मामा ने अपने दूसरे बेटे लव के साथ किया है। कुश का भी पूर्व में कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिला है। तीसरा आरोपी: कपिल
23 वर्षीय कपिल इस हत्याकांड में तीसरा प्रमुख चेहरा है। अन्य दो आरोपियों के विपरीत, कपिल का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। बारादरी थाने में उसके खिलाफ चोरी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। घटना के बाद से अर्पित और कुश के साथ-साथ कपिल भी फरार है। पुलिस की कई टीमें अब इन तीनों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। बिखरा हुआ परिवार और अर्जुन का संघर्ष
राकेश मौर्य के परिवार में अब गहरा सन्नाटा है। उनके परिवार में दो बेटे करन (21), अर्जुन (16) और एक बेटी पलक (18) थे, जबकि पत्नी ममता देवी घर संभालती हैं। करन इस साल बीए में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा था, जबकि अर्जुन ने अभी हाल ही में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बहन पलक ने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। आर्थिक तंगी के चलते अर्जुन दिन में पेंटिंग का काम करता था और रात को डीजे बजाकर परिवार का सहारा बनता था, लेकिन अब इस परिवार का मुख्य आधार ही छिन गया है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *