![]()
मोहर्रम का पर्व शांति और अमन के साथ निपट जाए, इसके लिए बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने मोर्चा संभाल लिया है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे परिक्षेत्र को 55 जोन और 202 सेक्टर में बांटकर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस कंट्रोल रूम पल-पल की जानकारी जुटा रहा है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को पहले ही रोका जा सके। जुलूस का गणित और पुलिस की तैनाती
इस बार पूरे परिक्षेत्र में कुल 1384 जुलूस निकलने की तैयारी है, जिसके लिए 2128 ताजियों को स्थापित किया जाना है। इन ताजियों को दफनाने के लिए 357 कर्बला तय की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स उतारा गया है। इसमें 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 36 डीएसपी, सैकड़ों इंस्पेक्टर और हजारों की तादाद में आरक्षी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 238 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) बनाई गई हैं जो किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचेंगी। पीएसी और एसडीआरएफ का भी मिला साथ
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ ही पीएसी और एसडीआरएफ की कंपनियां भी मोर्चा संभालेंगी। पूरे परिक्षेत्र में 6 कंपनी पीएसी, 2 प्लाटून पीएसी के साथ ही बाढ़ राहत और एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद हैं। अब तक 179 शांति समितियों की बैठकें की जा चुकी हैं, ताकि आम जनता और धर्मगुरुओं के साथ मिलकर आपसी भाईचारा बनाए रखा जा सके और त्यौहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जा सके। ताजियों की ऊंचाई और रास्तों पर पुलिस की नजर
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ताजिये 12 फीट से ऊंचे नहीं होने चाहिए, ताकि बिजली के तारों या किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके। आयोजकों को सख्त हिदायत दी गई है कि जुलूस सिर्फ उन्हीं रास्तों से निकलेंगे जो पहले से तय हैं। किसी भी नई परंपरा की शुरुआत करने या बिना अनुमति के रास्ता बदलने की इजाजत नहीं होगी। आयोजकों को लिखित जिम्मेदारी लेनी होगी कि जुलूस के दौरान कोई भी खतरनाक प्रदर्शन या हथियारों का दिखावा नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर होगी कार्रवाई
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने साफ शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी भ्रामक पोस्ट, फोटो या वीडियो शेयर करने से बचें। डीजे और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी तय मानकों और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के दायरे में ही करना होगा। जुलूस के रास्ते में सफाई और अवांछनीय पशुओं को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो। प्रशासन ने हर नागरिक से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
Source link
मोहर्रम पर बरेली रेंज में सुरक्षा का कड़ा पहरा- डीआईजी:जुलूस और ताजियों की ड्रोन और सीसीटीवी से होगी चप्पे-चप्पे पर निगरानी