आगरा के आलोक नगर में शराब के ठेके का विरोध:25 दिन से चल रहा प्रदर्शन, विधायक-प्रशासन से शिकायत के बाद भी नहीं हटा, आज सुंदर कांड का आयोजन


आगरा में जयपुरा हॉउस स्थित आलोक नगर में शराब का ठेका खुलने से स्थानीय लोगों में रोष है। 25 दिन से लोग ठेके के सामने धरना दे रहे है, और शराब की बूंद तक नहीं बिकने दी जा रही हैं। हालांकि शांति व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए आबकारी विभाग ने ठेके पर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए है। रविवार को आज शाम चार बजे ठेके के विरोध में सुंदर कांड का आयोजन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना कि एक महीने पहले ठेका खुला है, आए दिन लोग शराब पी कर यहां पर हुड़दंग करते है। ठेके से 500 मिटर की दूरी पर दो स्कूल हैं। आर्य समाज, झूलेलाल और जैन मंदिर सहित पांच मंदिर हैं। बच्चे स्कूल के लिए यहां से निकलेंगे, तो उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। बुजुर्ग मंदिर नहीं जा पाते है। ठेके पर खड़े लोग गंदी-गंदी गाली देते है। स्थानीय विधायक उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय करीब 20 दिन पहले धराना स्थल पर पहुंचे थे। जहां उन्होंने एक हॉल में सभी के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने डीएम और आबकारी विभाग से बात कर के ठेके को बंद करा दिया था। लेकिन 10 दिन बाद ठेका फिर से खुल गया। इसका नतीजा ये निकला कि ठेके के आसपास से दो डॉक्टर को अपना क्लीनिक बंद करना पड़ा। वहीं अब कुछ और दूकानदार अपनी दुकान बंद करने की तैयारी में हैं। स्थानीय पार्षद रेनू गुप्ता ने बताया- ठेके खुलने के बाद लोग बीच सड़क पर शराब पीते है। जिसकी वजह से दिन में भी महिला निकल नहीं सकती हैं। अगर कोई महिला यहां से निकलती है, तो गंदे कमेंट किए जाते है। इसी लिए अभी हम शांति पूर्ण इस ठेके को यहां से हटा कर कहीं और ले जाने की अपील कर रहे है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सड़क पर उतरना पड़ा तो वो भी किया जाएगा। डॉ ब्रजलता ने बताया- 11 जुलाई से ठेके के विरोध में धरना दे रहे है। लगभग 24 दिन हो चुके है। लेकिन शासन-प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। कुछ दिन पहले आबकारी विभाग के अधिकारी से बात हुई थी। उन्होंने राजस्व के नुकसान का हवाला दे दिया। लेकिन हमारे बच्चे की पढ़ाई, शांति व्यवस्था का नुकसान नहीं होंगा। अगर यहां पर ठेका खुला तो कॉलोनी की शांति व्यवस्था बिगड़ेगी। जहां पर ठेका है, वहां अलग-अलग धर्म के पांच मंदिर है। दो स्कूल हैं। सुरभि मित्तल ने कहा-हतारी मंशा ठेका बंद कराना नहीं है। हमारी अपील है कि ठेके को कहीं आउटर में ले जाया जाए। जिससे यहां कॉलोनी का माहौल न बिगड़े। यहां पर 15 साल के लड़के शराब पी रहे। उनसे हमारे बच्चे क्या सिखेंगे। अगर ऐस नहीं होता है, तो प्रदर्शन जारी रहेगा। आखरी तक हम ये लड़ाई लड़ेंगे।

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