UPSTF मेरठ ने फर्जी रॉयल्टी बनाने वाला गैंग पकड़ा:बागपत से किया अरेस्ट, खनन विभाग की फर्जी रॉयल्टी बनाकर बिल में सबमिट करते थे


यूपीएसटीएफ मेरठ टीम ने बागपत से खनन विभाग की फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गैंग को पकड़ा है। गैंग पीडब्लूडी सहित तमाम विभागों के ठेकेदारों के लिए काम करता है। सरकारी राजस्व को चूना लगाने का काम कर रहा था। एसटीएफ मेरठ टीम ने मौके से 4 आरोपियों को अरेस्ट किया है। वहीं दो आरोपी हरियाणा का राहुल राजा और कानपुर के मिश्रा की तलाश एसटीएफ कर रही है। राजस्व को लगा रहे लाखों रुपयों का चूना ये गैंग खनन की असली रॉयल्टी में बदलाव कर गलत तरीके से फर्जी रॉयल्टी तैयार करके उसे लगाता था। गैंग PWD समेत कई विभागों के उन ठेकेदारों के काम आता है तो सरकारी राजस्व की चोरी करके अवैध खनन मोरंग का इस्तैमाल करते थे। बिल भुगतान के समय जिस रॉयल्टी की जरूरत होती है, यह गैंग वह रॉयल्टी तैयार कराता था और सरकारी बाबू उसे बिल में सबमिट करके चोर ठेकेदार का भुगतान करा देते थे। बागपत, मेरठ के रहने वाले हैं आरोपी
मौके से एसटीएफ टीम ने नईम पुत्र इंतजार जो निवाडा बागपत निवासी है। तालिब पुत्र फारुख निवाड़ा बागपत, फिरोज पुत्र अहमद निवाड़ा बागपत और आरिफ पुत्र जाहिद जो सिवालखास जानी मेरठ का रहने वाला है इनको पकड़ा है। इनके पास लैपटाप, चार्जर, कार, मोबाइल और 2430 रुपए नकद बरामद हुए हैं। गैंग को टीम ने इंडियन नर्सिंग होम बागपत से अरेस्ट किया। इस तरह चल रहा था पूरा खेल
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि हम लोग अपने साथियों के साथ मिलकर खनन की असली रॉयलटी अपने सहयोगी राहुल उर्फ राजा व आशुतोष से व्हाटसप पर प्राप्त करते हैं। राहुल व आशुतोष इनको वह आईएसटीपी भेजते है जिनका किसी अन्य विभाग में प्रयोग न हुआ हो। पीडब्लूडी विभाग/नगर निगम विभाग, सम्भल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्वनगर,गाजियाबाद के पीडब्लूडी विभाग के क्लर्क को असली रॉयलटी में क्लर्क के बताये अनुसार फर्जी तरीके ( आईएसटीपी) में बदलकर उनको वापस भेज देते है। जिसके एवज में विभाग के क्लर्क / ठेकेदार एक क्यूबिक मीटर खनन पर 20 रूपये के हिसाब से पैसा देते हैं। पिछले 10 सालों से हम लोग यही काम कर रहे हैं। सभी के खिलाफ कोतवाली थाना बागपत में मुकदमा लिखा गया है।

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