पूर्व जज की कार रोककर लूट का प्रयास:फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ऑटो चालक ने की घटना, 12 दिन बीतने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा


लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एस.एन. अग्निहोत्री के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और संदिग्ध तरीके से वाहन रोकने का मामला सामने आया है। पूर्व जस्टिस ने ऑटो चालक और उसके दो साथियों पर लूटपाट व कार छीनने की कोशिश का आरोप लगाते हुए गोमतीनगर थाने में शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अवध विहार निवासी एस.एन. अग्निहोत्री ने पुलिस से की शिकायत में बताया 4 जून को वह दांत के इलाज के लिए गोमतीनगर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल जा रहे थे। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास पहले अंडरपास से गुजरते समय पीछे से आ रहे एक ऑटो चालक ने लगातार हॉर्न बजाया। सड़क पर प्लास्टिक कोन लगाकर लेन विभाजित किए जाने के कारण उन्हें तुरंत रास्ता देना संभव नहीं था। आगे जगह मिलने पर उन्होंने अपनी कार को बाईं ओर कर ऑटो को निकलने का रास्ता दिया। आरोप है कि ऑटो चालक तेज गति से उनकी कार के आगे पहुंचा और अचानक ऑटो रोककर रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद वह वाहन से उतरकर कार के पास आया और गाली गलौज करते हुए कार का चालक की तरफ का दरवाजा जबरन खोल दिया। पूर्व जस्टिस का आरोप है कि चालक ने कार का इंजन भी बंद कर दिया। इस दौरान दो बाइक सवार भी वहां पहुंच गए और कार के पास खड़े हो गए। एस.एन. अग्निहोत्री का कहना है कि तीनों की गतिविधियां संदिग्ध थीं और उन्हें आशंका हुई कि आरोपी लूटपाट या कार छीनने की मंशा से उन्हें सुनसान स्थान पर रोकना चाहते थे। हालांकि, उसी समय दूसरी तरफ से कुछ वाहन आते दिखाई दिए और उन्हें 112 पर कॉल करने का प्रयास करते देख तीनों मौके से भाग निकले। पुलिस से शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई
पूर्व जस्टिस ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने 112 पर संपर्क किया और बाद में पुलिस कमिश्नर कार्यालय से भी शिकायत की। उनके अनुसार पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सुशांत गोल्फ सिटी और नीलमथा चौकी पुलिस ने उनकी कार में लगे कैमरे की फुटेज और आरोपियों के फोटो भी लिए थे। इसके बावजूद कई दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि ऑटो पर लिखी वाहन संख्या की जांच कराने पर वह किसी स्कूल बस की निकली, जिससे आशंका है कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहे थे। 13 जून को गोमतीनगर थाने से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पूर्व जस्टिस ने पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी की मदद से तलाश की जा रही है।

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