बसपा ने 5 महीने में 3 नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाया:गोरखपुर में प्रभावित होगी चुनाव की तैयारी, कार्यकर्ता बोले- चुनाव में नुकसान होगा


गोरखपुर में विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारी का बिगुल बज चुका है। बसपा भी इस बार पूरी ताकत से वापसी की कोशिश कर रही है। लेकिन जिला इकाई में हो रहे लगातार बदलावों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 5 महीने के भीतर तीसरी बार जिलाध्यक्ष बदल दिया गया है। यह बदलाव क्यों हो रहे हैं, इसका कोई स्पष्ट कारण बताने को तैयार नहीं है। बसपा के नेता इसे बसपा सुप्रीमो का फैसला कहकर चुप हो जाते हैं, लेकिन दबी जुबान से कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे आगामी चुनाव की तैयारी प्रभावित होगी। इन बदलावों को सही न मानने वाले नेता पहचान छुपाने की शर्त पर कहते हैं कि यह अंदरूनी राजनीति और अपने लोगों को स्थापित करने की योजना है। चुनावी साल में इस तेजी से जिलाध्यक्ष बदलने से संगठन प्रभावित होगा। बूथ स्तर पर गठित कमेटियों के पदाधिकारियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पहले जानिए कब क्या हुआ? दो बार जिलाध्यक्ष रहे घनश्याम राही को 20 जनवरी 2026 को तीसरा बार बसपा की कमान सौंपी गई थी। लेकिन सात दिन बाद ही उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई। 27 जनवरी को जिले में पहली बार किसी निषाद नेता को जिलाध्यक्ष बनाया गया। शुरू से बसपा से जुड़े हरि प्रकाश निषाद को जब कमान मिली तो वह जिले से लेकर बूथ स्तर तक की कमेटियों को मजबूत करने में जुट गए। लेकिन 12 जून को दोपहर में उन्हें भी बदल दिया गया। उन्हें मंडल स्तर पर ओबीसी भाईचारा समिति को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दे दी गई। इसी दिन पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष कुमार जिज्ञासु को एक बार फिर जिम्मेदारी दी गई है। संतोष कुमार जिज्ञासु 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष थे। 2023 में नगर निकाय चुनावों के दौरान भी वही जिलाध्यक्ष थे। लेकिन घघसरा नगर पंचायत में पार्टी प्रत्याशी के विरोध में प्रचार करने के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 12 जून 2026 को उन्हें दोबारा पार्टी ज्वाइन कराया गया। उसी दिन उन्हें जिलाध्यक्ष बनाने की घोषणा भी हो गई। जिज्ञासु कहते हैं कि कुछ लोगों ने गलत आरोप लगाकर उन्हें बाहर कराया था। लेकिन बहन जी ने जांच कराई तो मेरी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी प्रमाणित हुई। अब जिलाध्यक्ष बनाए गए नेताओं के बारे में जानिए… घनश्याम राही: 7 दिन के लिए जिलाध्यक्ष घनश्याम राही एससी वर्ग से आते हैं। शुरू से बसपा से जुड़े हैं। उन्होंने जोनल कोआर्डिनेटर की भूमिका भी निभायी है। युवावस्था में ही पहली बार जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी मिली। वह पिपराइच नगर पंचायत से सभासद भी रह चुके हैं। पहली बार 5 साल के लिए जिलाध्यक्ष बने। दूसरी बार पार्टी ने 6 महीने के लिए जिलाध्यक्ष बनाया तो तीसरी बार 7 दिन के लिए जिलाध्यक्ष बने। वह पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हैं। वर्तमान में मंडल प्रभारी के रूप में गोरखपुर जिले में काम देखते हैं। हरि प्रकाश निषाद: 12 जून को पद से हटाया हरि प्रकाश निषाद पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। शुरू से बसपा से जुड़े हैं। छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। पिपराइच क्षेत्र से ही जिला पंचायत सदस्य रहे। उसके बाद बसपा में जोनल कोआर्डिनेटर, चीफ जोनल कोआर्डिनेटर, मुख्य मंडल प्रभारी के रूप में सेवा दे चुके हैं। वह पहले निषाद जिलाध्यक्ष रहे हैं। वर्तमान में पिछड़ा वर्ग भाई चारा समिति की जिम्मेदारी देख रहे हैं। हरि प्रकाश भी मूल रूप से राजनीति करते हैं। संतोष कुमार जिज्ञासु: अब जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संतोष कुमार जिज्ञासु सहजनवा क्षेत्र के घघसरा नगर पंचायत के निवासी हैं। वह अभी अविवाहित हैं। 2023 में उन्होंने अपनी बहन को सभासद का चुनाव भी जिताया है। इसी चुनाव में अध्यक्ष पद पर बसपा के प्रत्याशी के विरोध में प्रचार करने का आरोप था। प्रत्याशी ने ही इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद पार्टी से उन्हें बाहर कर दिया गया था। 12 जून को दोबारा उनकी वापसी हुई और उसी दिन जिलाध्यक्ष बना दिया गया। जानिए क्या कहते राजनीतिक जानकार… वरिष्ठ पत्रकार पीएन राय ने बताया- किसी भी राजनीतिक दल में इतनी जल्दी-जल्दी जिलाध्यक्ष नहीं बदलते, जितनी जल्दीबाजी बसपा में मची है। पार्टी की सेकेंड लाइन को इसे देखना चाहिए। बार-बार कुछ चेहरों पर ही दांव लगाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष, जिले का सबसे बड़ा पद है और इसपर सोच-समझकर तैनाती की जानी चाहिए। 5 महीने में 3 बार जिलाध्यक्ष के पद पर बदलाव अपरिपक्व निर्णय की ओर इशारा करता है। हालांकि पार्टी में बदलाव आए दिन चलता रहा है। लेकिन चुनाव के नजदीक ऐसा करना उचित नहीं है। आमतौर पर दलित वर्ग से ही जिलाध्यक्ष बनता रहा है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि जिलाध्यक्ष को न्यूनतम 3 साल का कार्यकाल दिया जाए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *