US-ईरान समझौते से क्रूड ऑयल के दाम गिरे:4.8% की कमी के साथ $83 पर आया; दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी


अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। कुछ हफ्ते पहले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी। युद्ध शुरू होने से पहले इसकी कीमत 70 डॉलर के करीब थी। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में समझौते पर सहमति का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए। अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनी माइक्रोन का शेयर 7.8% बढ़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही ईरान-यूएस समझौते पर स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा।
ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी। मई में महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 15 जून को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और फ्यूल के दाम बढ़ना है। इसके अलावा अनाज और तेल भी महंगा हुआ है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच साढ़े तीन महीने से तनाव है। स्थितियां सामान्य नहीं हुईं तो महंगाई और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

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