BJP विधायक सांगा का इंटरव्यू:बोले- अखिलेश का PDA हर जगह बदल जाता है, जहां पियक्ड़ मिल जाते हैं वहां कह देते हैं ये P तुम्हारा वाला है


बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा कार्यक्रमों में मंच से सपा पर बयानों से हमलावर हो रहे हैं। कभी बिठूर विधानसभा से पूर्व विधायक पर टोपी बदले जाने तो कभी बिजली पर सपा का मीटर उखाड़ फेंकने वाले बयान देकर तंज कस रहे हैं। अब सांगा ने सपा के PDA का मतलब बताते हुए कहा कि अखिलेश के P का मतलब हर जगह बदलता रहता है। लेकिन इनका असली P का मतलब पीने वालों से जुड़ा है, जहाँ पियक्कड़ मिल जाते हैं तो उनसे कहते हैं, ये P तुम्हारा वाला है, जो इनकी पार्टी के साथ मतदान के दिन केवल सुबह से शाम 6 बजे तक ही रहते हैं। दैनिक भास्कर ऐप ने विधायक सांगा से इस बातचीत की रिपोर्ट पढ़िए… पढिए सांगा का इंटरव्यू
समाजवादी पार्टी के मुखिया यूपी में जाति के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। न पार्टी का नाम ले रहे हैं, न समाज की बात कर रहे हैं, न विकास की बात कर रहे हैं। जाति के नाम पर अपने लोगों के प्रतिनिधिमंडल को भेजकर, जहाँ विवाद होता है, लोगों को बाँटने का काम कर रहे हैं। रामधारी सिंह दिनकर की दो पंक्तियाँ हैं कि, “पाते हैं सम्मान भूमि पर तपोबल से सूर्य, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।” तो जाति की आड़ में केवल कमजोर लोग छिपते हैं। राजनीति में जाति के आधार पर केवल वे लोग राजनीति करते हैं जिन्होंने धरातल पर कोई काम न किया हो। इसलिए अखिलेश जाति और समाज को तोड़कर वोट माँगने का प्रयास न करें। विकास की बात करें, कानून-व्यवस्था की बात करें। समाज में जाति के नाम पर लोगों को बाँटने का प्रयास न करें।
पीडीए समय-समय पर बदलता रहता है। जब पंडित जी मिल जाते हैं तो कहेंगे कि ये P आपके लिए है। पिछड़े वर्ग के लोग मिल जाएँगे तो कहेंगे कि ये P आपके लिए है। इनका P न पिछड़ों के लिए है, न पंडित जी लोगों के लिए है। इनका D न दलितों के लिए है और न इनका A अल्पसंख्यकों के लिए है।
समाज के ऐसे अराजक तत्व पीडीए की बात कर रहे हैं। मैं तो कह रहा हूँ, समाज का ऐसा वर्ग पीने में लिप्त है, जो समाज में दलितों का शोषण करने में व्यस्त है, तो अल्पसंख्यकों को डराने में व्यस्त है। ऐसे लोग आज पीडीए की बात कर रहे हैं। डिंपल ने जो बयान दिया, ये सब जनता देख रही है। योगी जी ने इस पूरे मुद्दे पर क्या स्टैंड लिया है, सबने देखा है। हर बेटी को अपनी बेटी माना है। संस्कृति से जोड़ने का काम किया है। जब अखिलेश और डिंपल की बेटी की बात आती है, तो वह हम सब की बेटी के समान है। जो भी टिप्पणी की गई है, हम सब उसकी निंदा करते हैं। सपा के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूँ कि ऐसा वातावरण न बनाएँ। क्योंकि हम लोगों की मान्यता रही है, चाहे लोकतांत्रिक युद्ध हो या फिर कोई और युद्ध हो, उसमें बहन-बेटियों को नहीं घसीटा जाता है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *