साइबर ठगी के आरोपी की सशर्त जमानत मंजूर:शामली का मामला, पुलिस तथ्यों पर कोई रिपोर्ट नहीं दे सकी


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर अपराध के एक मामले में आरोपी मो. अमन अंसारी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। शामली के साइबर क्राइम थाने में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत एफआईआर दर्ज है। याची अधिवक्ता का तर्क था कि आरोपी के बैंक खाते में कोई राशि स्थानांतरित नहीं हुई। अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर, असमर्थित और अनुमानों पर आधारित है।सभी आरोपित अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष है।आरोपी के कब्जे से कोई बरामदगी नहीं हुई।सह-आभियुक्त सुरभि भार्गवा को ट्रायल कोर्ट पहले ही 23 मार्च 2026 को जमानत दे चुका है।चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, अतः हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं। आरोपी 30 जनवरी 2026 से जेल में बंद है। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया, परंतु तथ्यों पर कोई ठोस आपत्ति नहीं उठा सके। कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों, अपराध की प्रकृति, साक्ष्य, जेलों में भीड़भाड़ और आपराधिक मामलों की भारी लंबितता को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली।

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