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धर्मशाला के नरवाना और धलूं क्षेत्र में भारतीय गोह (इंडियन मॉनिटर लिजर्ड) के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की, जिसमें आरोपी के घर से गोह का मांस बरामद किया गया। हालांकि, विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को मृत ‘इंडियन मॉनिटर लिजर्ड’ को हाथ में पकड़े हुए देखा गया था। इसी वीडियो और गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने संदिग्ध आरोपी के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से गोह का मांस बरामद किया गया, जिसे विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। धर्मशाला के डीएफओ अमित शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ‘इंडियन मॉनिटर लिजर्ड’ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के तहत अनुसूची-1 में सूचीबद्ध संरक्षित प्राणी है, जिसे बाघ और शेर के समान सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस श्रेणी के वन्यजीव के शिकार या नुकसान को गंभीर अपराध माना जाता है। इनके शिकार पर 7 साल तक की जेल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9 और 51 के तहत इस अपराध में दोषी पाए जाने पर 3 से 7 वर्ष तक की कठोर कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज डीएफओ ने बताया कि फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग ने विशेष टीम गठित कर निगरानी (सर्विलांस) शुरू कर दी है। विभाग ने संभावित ठिकानों पर दबिश देने की रणनीति बनाई है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। स्थानीय लोगों ने की गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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धर्मशाला में इंडियन मॉनिटर लिजर्ड का अवैध शिकार:आरोपी के घर से मिला मांस, वन विभाग ने की FIR; बाघ-शेर के समान है संरक्षित जीव