राकेश पचौरी | मथुरा7 मिनट पहले
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मथुरा जिला कारागार में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कारागार की महिला बैरक में भगवान श्रीकृष्ण की माला निर्माण कार्य का शुभारंभ जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने फीता काटकर किया। इसी के साथ, बंदियों के परिजनों की सुविधा के लिए एक हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया।
जानकारी के अनुसार, जिला कारागार में पहले से ही हथकरघा इकाई संचालित है, जहाँ साड़ी, तौलिया और भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक व मुकुट तैयार किए जाते हैं। इसी क्रम में, खजनी वेलफेयर सोसाइटी, मथुरा द्वारा पिछले एक सप्ताह से महिला बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण की माला बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब महिला बंदियों ने नियमित रूप से माला निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने इस पहल को बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास के लिए उपयोगी बताया।

कारागार की महिला बैरक में भगवान श्रीकृष्ण की माला निर्माण कार्य का शुभारंभ जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने फीता काटकर किया।
कार्यक्रम के दौरान, कारागार के बाहर बंदियों से मुलाकात करने आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए स्थापित हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उद्घाटन के बाद, अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान पाकशाला का जायजा लिया गया, जहाँ बंदियों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। पाकशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने कारागार चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और वहाँ भर्ती बंदियों का हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित मिलीं।

जिला कारागार में पहले से ही हथकरघा इकाई संचालित है, जहाँ साड़ी, तौलिया और भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक व मुकुट तैयार किए जाते हैं।
इस अवसर पर अपर जिला जज राम कुमार पांडेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह, जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग, चिकित्साधिकारी डॉ. उपेंद्र पाल सिंह सोलंकी, जेलर सुरेंद्र मोहन सिंह, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, रविन्द्र कुमार, हेमराज और मयंक त्रिपाठी सहित अन्य जेल कार्मिक उपस्थित रहे।
