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शाहजहांपुर में युवाओं ने गुरुवार सुबह करीब दस बजे तीन किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पेपर लीक और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले जहरीले पानी पर रोक लगाने की मांग की। युवाओं का आरोप है कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय लोक परीक्षा अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई और समयबद्ध, पारदर्शी परीक्षाएं सुनिश्चित करने की अपील की। युवाओं का नेतृत्व कर रहे परविंदर कृष्ण बहार ने यूपी-टीजीटी (अंग्रेजी) परीक्षा 2022 का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ने परीक्षा आयोजित करने में चार साल की देरी की। वर्ष 2026 में आयोजित परीक्षा में साहित्य खंड से 45 से 63 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय विधिक जांच और पीड़ित अभ्यर्थियों को न्यायसंगत ‘कॉमन अंक’ आवंटित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कृभको फर्टिलाइजर प्लांट और के.आर. पेपर मिल से निकलने वाले जहरीले और रासायनिक गंदे पानी का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि बिना ट्रीटमेंट के यह पानी सीधे स्थानीय गांव गढ़िया महामदपुर की नदी में बहाया जा रहा है। इससे नदी का जल विषैला हो गया है, भूजल प्रदूषित हो रहा है, मवेशी मर रहे हैं और ग्रामीणों में कैंसर व त्वचा रोग जैसी बीमारियां फैल रही हैं। युवाओं ने इस पर तत्काल कानूनी रोक लगाने, दोषियों पर भारी जुर्माना लगाने और जल शोधन संयंत्र (ETP) को कड़ाई से लागू करने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक जिलाधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आएंगे, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। हथौड़ा चौराहा से कलेक्ट्रेट आते समय कई जगहों पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। युवाओं ने रिलायंस थर्मल पावर प्लांट से सटे गांवों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तत्काल ‘मुफ्त शिक्षा’, ‘निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं’ और खेल गतिविधियों के लिए ‘स्टेडियम’ के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि ये गांव प्रदूषण और भीषण गर्मी से प्रभावित हैं।
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शाहजहांपुर में युवाओं का पेपर लीक पर प्रदर्शन:जहरीले पानी और जनहित के मुद्दों पर कलेक्ट्रेट पर धरना