हिमाचल की आर्थिक पीड़ा नीति आयोग मीटिंग में उठाएंगे सुक्खू:PM मोदी करेंगे अध्यक्षता; ग्रीन बोनस, RDG और GST बहाली की करेंगे मांग


हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज (गुरुवार) दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में भाग लेंगे। नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की यह मीटिंग दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में होने जा रही है। सीएम सुक्खू इसमें हिमाचल से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएंगे। सूत्रों के अनुसार- सीएम सुक्खू राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से राज्य को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई, जीएसटी व्यवस्था के कारण होने वाली राजस्व क्षति की क्षतिपूर्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पहाड़ी राज्यों के लिए अधिक प्रभावी और व्यावहारिक राहत एवं मुआवजा व्यवस्था की मांग मीटिंग में कर सकते हैं। दरअसल, केंद्र ने राज्य को हर साल मिलने वाली लगभग सात हजार करोड़ रुपए की RDG ग्रांट हाल में बंद की है। इससे पहले केंद्र सरकार लोन लेने की सीमा 5 से घटाकर 3 फीसदी और लगभग 3500 करोड़ रुपए का जीएसटी कंपनसेशन भी बंद कर चुकी है। राज्य के सामने इससे वित्तीय संकट वाली स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी तरह, बीबीएमबी के पास हिमाचल का लगभग 4000 करोड़ रुपए का एरियर है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद हिमाचल को नहीं दिया जा रहा। इसे भी नीति आयोग की मीटिंग में उठाया जा सकता है। ग्रीन बोनस का मुद्दा फिर उठा सकते हैं सुक्खू इसे देखते हुए सीएम सुक्खू नीति आयोग की महत्वपूर्ण मीटिंग में इन मुद्दों को उठा सकते है। इसके अलावा सीएम सुक्खू लंबे समय से उठाए जा रहे ‘ग्रीन बोनस’ के मुद्दे को भी प्रमुखता से रख सकते हैं। राज्य सरकार का तर्क है कि हिमाचल प्रदेश देश के पर्यावरण और वन संपदा के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, इसलिए वन संरक्षण के बदले विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए। इससे पहले भी राज्य सरकार यह मांग विभिन्न मंचों और वित्त आयोग के समक्ष उठा चुकी है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, उप राज्यपाल और अधिकारी भाग लेंगे नीति आयोग की मीटिंग में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। यह मंच केंद्र और राज्यों के बीच नीति समन्वय तथा सहकारी संघवाद को मजबूत बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मीटिंग में मानव संसाधन विकास, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा राज्यों की विकास प्राथमिकताओं, केंद्र-राज्य समन्वय, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठ सकते हैं। इन मुद्दों पर भी चर्चा संभव बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने तथा सतत विकास में राज्यों की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। विभिन्न राज्यों के सुझावों और मांगों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत दिशा तय करने में इस बैठक की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ राज्य के मुख्य सचिव केके पंत भी दिल्ली गए हैं।

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