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KGMU-PGI प्रकरण के बाद अलर्ट हुआ सिस्टम, राज्यपाल के निर्देश पर कार्रवाई।
KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर और SGPGI में कर्मचारी की बेटी से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल बनाने के
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लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम बोबड़े की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित देवगन के निर्देश पर कुलसचिव ने सभी संबद्ध मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को पत्र जारी किया है। जिसमें कॉलेजों को अपने संस्थानों में धर्मांतरण से जुड़े मामलों की रोकथाम के लिए एक विशेष सेल गठित करने को कहा गया है।
यह सेल विद्यार्थियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी करेगा। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें छात्रों और कर्मचारियों को नियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य है कि शैक्षणिक संस्थानों में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बना रहे।
धर्मांतरण की घटनाएं को रोकने के लिए पहल
KGMU और SGPGI से जुड़े कथित धर्मांतरण मामलों ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद शासन स्तर पर इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों से जल्द सेल गठित कर उसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
साथ ही किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल के निर्देश के बाद प्रदेश के मेडिकल संस्थानों में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कॉलेज प्रशासन अब विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच संवाद बढ़ाने पर भी जोर देगा, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।