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हरदोई के परियल गांव में एसडीएम शाहाबाद पर हुए पथराव के मामले में 52 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। इस घटना में एसडीएम सुशील मिश्रा घायल हो गए थे। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जिसमें विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने बुधवार को गांव का दौरा किया है। यह घटना 8 जून की शाम करीब 4:30 बजे हुई थी। एसडीएम सुशील मिश्रा 11 जून को कहारकोला गांव में होने वाली मॉक ड्रिल की तैयारियों का जायजा लेने गए थे। इसी दौरान वे परियल गांव में अन्नपूर्णा भवन के संबंध में जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के पुत्र उदयवीर से जानकारी लेने लगे। एसडीएम ने आरोप लगाया कि उदयवीर ने उनके साथ अभद्रता की।
इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और पथराव शुरू हो गया। पथराव में एसडीएम के सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में पांच टांके लगे। उच्च अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई की बात कहे जाने के बावजूद, घटना के लगभग 52 घंटे बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस स्थिति को लेकर आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में खूब चर्चा हो रही है।
इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे, जबकि बसपा प्रमुख मायावती ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे ने भी एफआईआर दर्ज न होने पर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
वहीं, सोशल मिडिया पर लिख कर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन और पूर्व जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा सहित कई भाजपा नेताओं ने जिला पंचायत सदस्य लालाराम का समर्थन किया है। बुधवार को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन के साथ परियल गांव पहुंचीं। उन्होंने लालाराम और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने इस विषय में तस्वीरें साझा करते हुए अपनी फेसबुक वॉल पर भी जानकारी दी है।
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एसडीएम पर पथराव, 52 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं:उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी परियल गांव पहुंचीं, लालाराम के परिवार से मिलीं