जीवित व्यक्ति को सरकारी कागजों में मृत दर्शाया:राजगीर सुराजुदीन खुद को जिंदा साबित करने को भटक रहे


लखीमपुर के नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत अंबुवापुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक जीवित व्यक्ति को परिवार रजिस्टर में मृत दर्ज कर दिया गया है। पीड़ित व्यक्ति अब खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। यह मामला अंबुवापुर ग्राम पंचायत के मजरा शैलगांव निवासी सुराजुदीन से जुड़ा है, जो पेशे से राजगीर मिस्त्री हैं। सुराजुदीन अपनी बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए आधार केंद्र गए थे। वहां परिवार रजिस्टर की नकल मांगी गई। जब उन्होंने ब्लॉक से परिवार रजिस्टर की प्रति निकलवाई, तो उन्हें यह जानकर गहरा सदमा लगा कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाया गया है। सुराजुदीन ने बताया कि वह अपनी पत्नी हाशिमा, तीन बेटों चांद बाबू, उमर और शान मोहम्मद, और दो बेटियों गुलशाना तथा फूलबानो के साथ गांव में ही रह रहे हैं। इसके बावजूद, सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
सुराजुदीन ने इस मामले की शिकायत वर्तमान पंचायत सचिव सत्यबीर राणा से की। हालांकि, सचिव राणा ने इसे अपने कार्यकाल की गलती मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह त्रुटि उनके पूर्ववर्ती सचिव सीमा मिश्रा के कार्यकाल के दौरान हुई थी। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित सुराजुदीन काफी परेशान हैं। न्याय न मिलने पर सुराजुदीन ने मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने मामले की जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार रजिस्टर में अपना नाम सही कराने की मांग की है। यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक अभिलेखों की शुद्धता और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *