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साइबर जालसाजों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक महिला से 15.39 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने वाट्सऐप ग्रुप में जोडक़र ठगी की। महिला ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। अब सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्
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चोटपुर कॉलोनी निवासी पुष्पलता कुमारी ने पुलिस से शिकायत की है कि उन्होंने अप्रैल 2025 में अपने पति की मदद से ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू की थी। 19 अप्रैल को उन्हें एक लिंक के माध्यम से रिलायंस एलीट सर्कल नामक वाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में कथित प्रोफेसर राकेश जैन और उनकी सहायक एडविका शर्मा शेयर बाजार और निवेश संबंधी सलाह देते थे।
शुरुआती दिनों में ग्रुप की सलाह पर निवेश करने से लाभ दिखाई दिया, जिससे उनका भरोसा बढ़ता गया। बाद में ग्रुप संचालकों ने 10 लाख रुपये से अधिक निवेश करने वालों को ब्लॉक ट्रेडिंग की विशेष सुविधा देने का दावा किया। पीड़िता ने अपनी निवेश राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये से अधिक कर दी। कुछ समय बाद ग्रुप में विभिन्न आईपीओ में निवेश कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जबरन आईपीओ के नाम पर लिया पैसा
महिला का आरोप है कि ओसवाल पंप्स लिमिटेड के आईपीओ में उनकी सहमति के बिना 44.67 लाख रुपये मूल्य के 12,240 शेयर आवंटित दिखा दिए गए। उस समय उनके खाते में लगभग 10.30 लाख रुपये निवेश और 9.32 लाख रुपये का कथित लाभ दिखाया जा रहा था। आईपीओ भुगतान पूरा करने के लिए उनसे करीब 25.36 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने भुगतान नहीं करने पर खाता फ्रीज करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।
गोल्ड लोन लेकर दिए पैसे
अपनी जमा पूंजी बचाने और कथित कानूनी कार्रवाई के डर से उन्होंने 19 जून 2025 को मुथूट फाइनेंस से 5.36 लाख रुपये का गोल्ड लोन भी लिया। इसके बावजूद उन्हें कुल 15.39 लाख रुपये का नुकसान हो गया। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले में उन खातों की जांच की जा रही है। जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर कराई गई है।