![]()
लखनऊ में रविवार शाम कला प्रेमियों के लिए यादगार रही। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से चर्चित हिंदी नाटक ‘आखिरी वसंत’ का सफल मंचन किया गया। यह प्रस्तुति क़ैसरबाग स्थित कला मंडपम में हुई, जिसने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। लगभग 90 मिनट की यह प्रस्तुति प्रदर्शन कला महोत्सव के तहत आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह थी कि इसमें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2022 और 2023 से सम्मानित कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और नाट्य कला के प्रति रुचि बढ़ाना था। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नाटक में वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल कुमार रस्तोगी ने मुख्य भूमिका निभाई। वर्ष 2023 में अभिनय के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित रस्तोगी के सशक्त अभिनय, प्रभावशाली मंच उपस्थिति और संवाद अदायगी ने प्रस्तुति को नई ऊँचाई दी। दर्शकों ने उनके अभिनय की सराहना की। ‘आखिरी वसंत’ मानवीय रिश्तों, संवेदनाओं और समय के साथ बदलते जीवन मूल्यों की कहानी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। नाटक की सशक्त पटकथा, आकर्षक मंच सज्जा, जीवंत संवाद और कलाकारों का दमदार अभिनय इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं। कुछ दृश्यों ने दर्शकों को सोचने पर विवश किया, जबकि कुछ क्षण भावनात्मक रूप से जोड़ने वाले थे। इस कार्यक्रम में शहर के साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद और रंगमंच प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रस्तुति के समापन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का स्वागत किया।
Source link
लखनऊ में 'आखिरी वसंत' नाटक का मंचन:संगीत नाटक अकादमी और भातखंडे विश्वविद्यालय ने किया आयोजन