पूर्व पालिकाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेत्री डॉ. रजनी का निधन:ब्रेन ट्यूमर से थीं पीड़ित; राजनीति, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में छोड़ी अलग पहचान


फर्रुखाबाद में वरिष्ठ भाजपा नेत्री, पूर्व पालिका अध्यक्ष और समाजसेविका डॉ. रजनी सरीन का रविवार शाम निधन हो गया। वह 77 वर्ष की थीं। उन्होंने लोहाई रोड स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और शहर के गणमान्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार डॉ. रजनी सरीन लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थीं। करीब एक माह पहले दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था, लेकिन रविवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। भाजपा में निभाई अहम जिम्मेदारियां डॉ. सरीन भाजपा की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती थीं। उन्होंने पार्टी में प्रदेश मंत्री और राष्ट्रीय परिषद सदस्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। संगठन और जनसेवा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें व्यापक पहचान मिली थी। 1999 में बनी थीं पालिका अध्यक्ष डॉ. रजनी सरीन ने वर्ष 1999 में फर्रुखाबाद नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर राजनीतिक क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई थी। दरअसल, वर्ष 1995 में निर्वाचित पहली महिला पालिका अध्यक्ष दमयंती सिंह को अनियमितताओं के आरोप में 15 अप्रैल 1999 को तत्कालीन भाजपा सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद 20 जून 1999 को हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. रजनी सरीन ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी निर्मला शाक्य को पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया था। उन्हें 1 जुलाई 1999 को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। हालांकि, बाद में दमयंती सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्हें पुनः पालिका अध्यक्ष घोषित कर दिया गया था। चिकित्सा और समाजसेवा में भी रहीं सक्रिय डॉ. रजनी सरीन केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। बताया जाता है कि वर्ष 1972 से वह प्रत्येक रविवार को जरूरतमंद मरीजों का निशुल्क उपचार करती थीं। इसके अलावा वर्ष 1974 से उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों को निशुल्क चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू की थी। सेना के प्रति सम्मान और सेवा भावना के चलते वह लंबे समय तक इस कार्य से जुड़ी रहीं। दिव्यांगजनों के लिए भी वह समय-समय पर निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कराती थीं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाती थीं। दो दिन पहले मिलने पहुंचे थे मंत्री डॉ. रजनी सरीन के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए दो दिन पहले प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री उनके आवास पहुंचे थे। दोनों मंत्रियों ने उनका हालचाल जाना था और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। शोक व्यक्त करने पहुंच रहे लोग डॉ. रजनी सरीन के निधन की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के अनेक गणमान्य लोग उनके आवास पहुंचने लगे। सभी ने उनके निधन को जनसेवा, राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में डॉ. रजनी सरीन ने राजनीति, चिकित्सा और समाजसेवा के माध्यम से जो पहचान बनाई, उसे शहर लंबे समय तक याद रखेगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *