KGMU HRF Store Drugs Wastage Probe Ordered

KGMU के HRF स्टोर से जुड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है।

KGMU के लिंब सेंटर स्थित HRF स्टोर में दवाओं के रखरखाव और वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां करीब पांच लाख रुपये मूल्य की दवाएं स्टोर के बाहर खुले में पड़ी मिली हैं। इनमें कई ऐसी दवाएं शामिल हैं, जिनकी एक्सपायरी इसी महीने यानी जून 2026 में

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खुले में पड़ी मिलीं महंगी दवाएं

लिंब सेंटर में बनाए गए HRF स्टोर के बाहर बड़ी मात्रा में दवाएं और इंजेक्शन पड़े मिले। इनमें क्यूओग्रेस कैप्सूल्स (बैच नंबर-PKNHM 11), अमीनो एसिड इंजेक्शन (बैच-LP 2405), क्लोटिन इंजेक्शन (बैच-V627104) और मैग्टम नोवो इंजेक्शन शामिल हैं। अधिकांश दवाओं की एक्सपायरी जून 2026 दर्ज है, जबकि उनका उपयोग मरीजों के उपचार में किया जा सकता था।

स्टोर के बाहर पड़ी दवाएं।

स्टोर के बाहर पड़ी दवाएं।

भंडारण व्यवस्था पर उठे सवाल

दवाओं को खुले में रखने से उनके खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में स्टोर प्रबंधन और दवा वितरण प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इन दवाओं का उपयोग या अन्य विभागों को हस्तांतरण किया जा सकता था।

समन्वय की कमी से बढ़ी समस्या

जानकार कहते है कि HRF और चिकित्सकों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई दवाएं उपयोग में नहीं आ सकीं। नतीजतन बड़ी मात्रा में दवाएं एक्सपायरी के करीब पहुंच गईं। आरोप है कि दवाओं के निस्तारण के लिए निर्धारित मानकों का भी पालन नहीं किया गया।

सरकारी धन की बर्बादी का आरोप

करीब पांच लाख रुपये मूल्य की दवाओं का इस तरह बेकार होना सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। एक ओर अस्पतालों में कई बार मरीजों को दवाओं के लिए बाहर भटकना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर उपयोगी दवाओं का खुले में पड़ा मिलना सवाल खड़े कर रहा है।

इनमें कई तरह की दवाओं का स्टॉक है।

इनमें कई तरह की दवाओं का स्टॉक है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

KGMU के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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