कनाडाई नागरिक बना भारतीय वोटर…भाई ने खोला बड़ा राज:सहारनपुर में दोहरी नागरिकता और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला, सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल


सहारनपुर में चर्चित बग्गा परिवार में दोहरी नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर विवाद सामने आया है। रेलवे रोड स्थित नटराज होटल से जुड़े परिवार के एक सदस्य ने अपने ही भाई और भतीजे के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थी हरमोहन सिंह बग्गा ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके भाई ओंकार सिंह बग्गा पिछले करीब 10-12 वर्षों से कनाडा में रह रहे हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं। उनके पास कनाडा का वैध पासपोर्ट भी है, जो जनवरी 2021 में जारी हुआ और वर्ष 2031 तक वैध है। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का आरोप प्रार्थना पत्र के अनुसार, ओंकार सिंह बग्गा के परिजन हरप्रीत सिंह बग्गा ने कथित रूप से उनके साथ मिलकर सहारनपुर विधानसभा क्षेत्र की वर्ष 2026 की निर्वाचक नामावली में ओंकार सिंह का नाम दर्ज कराया। आरोप है कि यह जानते हुए भी कि ओंकार सिंह अब भारतीय नागरिक नहीं हैं, पुराने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में दर्शाया गया। प्रार्थी का कहना है कि सहारनपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में ओंकार सिंह का नाम दर्ज कराया गया, जबकि वे कनाडा के नागरिक हैं और भारतीय मतदाता बनने के पात्र नहीं थे। कनाडाई पासपोर्ट पर भारत आने का भी उल्लेख याचिका में कहा गया है कि ओंकार सिंह बग्गा कनाडाई नागरिक के रूप में 6 अप्रैल 2026 को भारत आए और 25 अप्रैल 2026 को उसी कनाडाई पासपोर्ट के आधार पर वापस कनाडा लौट गए। इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहा। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि यह कृत्य जानबूझकर और आपराधिक षड्यंत्र के तहत किया गया, जिससे दोहरी नागरिकता जैसी स्थिति उत्पन्न हुई और संबंधित तथ्यों को छिपाया गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप हरमोहन सिंह बग्गा ने कोर्ट को बताया कि मामले की शिकायत लेकर वह थाना सदर बाजार पहुंचे थे, लेकिन वहां मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। प्रार्थी ने यह भी कहा है कि वह स्वयं ओंकार सिंह बग्गा का सगा भाई है, लेकिन कथित कृत्य से उसका कोई संबंध नहीं है। इसी कारण उसने कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जवाबदेही उस पर न आए।

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