सहारनपुर में दोमुंहा सांप से ठगी करने वाला अरेस्ट:ऑडी कार में घूम रहा शातिर ठग, ऑडी कार, नोट गिनने की मशीन और दो दुर्लभ सांप बरामद


सहारनपुर पुलिस ने दोमुंहा सांप (रेड सैंड बोआ) को चमत्कारी और औषधीय गुणों वाला बताकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर आरोपी को अरेस्ट किया है। वह लोगों के सामने खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था। पहचान छिपाने और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसने फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखे थे। आरोपी के कब्जे से करीब पांच लाख रुपए नकद, एक ऑडी कार, नोट गिनने की मशीन, दो दुर्लभ दोमुंहे सांप, फर्जी आधार कार्ड और बड़ी संख्या में मनोरंजन नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कुतुबशेर पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर दबनी कब्रिस्तान वाले खंडजे पर पूजा एन्क्लेव के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद भोल्लर के रूप में हुई है। आरोपी थाना मंडी क्षत्र की शिवधाम कॉलोनी, खाताखेड़ी का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो अपने साथियों के साथ मिलकर दोमुंहे सांपों की खरीद-फरोख्त करता था। सांपों को दुर्लभ और चमत्कारी बताकर लोगों को मोटे मुनाफे और औषधीय लाभ का लालच दिया जाता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह लोगों के सामने खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था। पहचान छिपाने और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसने फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखे थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने दो साथियों के साथ एक दोमुंहा सांप 15 लाख रुपए में बेचकर लौटा था। सौदे की रकम में से उसके दोनों साथियों ने पांच-पांच लाख रुपए अपने हिस्से के ले लिए थे। खर्चा काटने के बाद उसके हिस्से में बचे 4.94 लाख रुपए पुलिस ने बरामद कर लिए। हालांकि आरोपी ने जिस व्यक्ति को सांप बेचा, उसके बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह लोगों को प्रभावित करने और अपने झांसे में लेने के लिए बड़ी मात्रा में मनोरंजन नोट और सफेद कागज की गड्डियां अपने पास रखता था। बैग में असली नोटों के साथ मनोरंजन नोट और सफेद कागज रखने से लोगों को लगता था कि उसके पास करोड़ों रुपए हैं। इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों को निवेश और सांपों के सौदों में फंसाता था। बरामद दोमुंहे सांप रेड सैंड बोआ प्रजाति के बताए गए हैं, जिनकी तस्करी पर प्रतिबंध है। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित मानी जाती है। पुलिस अब आरोपी के फरार साथियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना कुतुबशेर में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं दिख रहा है। इसमें वन्यजीव तस्करी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और संगठित ठगी के पहलू भी सामने आए हैं। आरोपी के फरार साथियों की तलाश की जा रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

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