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संभल और बिजनौर पुलिस ने तीन अपराधियों की 31.38 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत की गई। इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ अपराधियों का इतिहास भी ग्रामीणों को बताया गया। शुक्रवार को संभल तहसील के असमोली थाना क्षेत्र के हरथला गांव में शादाब (पुत्र सुलेमान), इस्तकार उर्फ इफ्तखार (पुत्र बुद्धा) और खुर्शीद (पुत्र फिदा हुसैन) के आवासीय मकानों को कुर्क किया गया। इन पर गिरोह बनाकर लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने और उससे अवैध धन कमाने का आरोप है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत की गई। बिजनौर और संभल के जिलाधिकारियों के आदेश पर यह कदम उठाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त शादाब, इफ्तखार और खुर्शीद ने 2015 से 2023 के बीच अपराध जगत में प्रवेश कर लगातार अवैध रूप से धन कमाया। उनकी आय का कोई वैध स्रोत नहीं पाया गया। आरोप है कि इसी अवैध कमाई से उन्होंने हरथला गांव में अपने आवासीय मकानों का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण कराया था। एसपी बिजनौर की रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों के अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्तों ने इसी अवैध धन से अपनी और अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा किया। कुर्की की कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार दीपक जुरैल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में असमोली पुलिस और बिजनौर जिले की शेरकोट थाना पुलिस शामिल थी। तीनों अभियुक्तों के घरों पर मुनादी कराकर संपत्ति को विधिवत कुर्क किया गया। बिजनौर और संभल का पुलिस प्रशासन शुक्रवार दोपहर 3 बजे गांव पहुंचा और शाम 5 बजे तक कार्रवाई पूरी की। तीनों अपराधियों के मकानों को खाली कराकर ताला लगाकर सील कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ इन अपराधियों के आपराधिक इतिहास की घोषणा भी की।
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संभल में तीन अपराधियों की 31.38 लाख की संपत्ति कुर्क:अवैध कमाई से बने आवासीय मकान सील किए, बिजनौर-संभल के डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई