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आइएम्स बीएचयू के सर्जरी डिपार्टमेंट की जूनियर डॉक्टर सत्या का इलाज आईसीयू में चल रहा है। उसकी स्थिति ठीक नहीं है और वह कोमा में है। ऐसे में सार्जारी डिपार्टमेंट के छात्रों ने रविवार को आईएमएस बीएचयू के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि सर्जरी डिपार्टमेंट में काम का दबाव अधिक है। ऐसे में एक सहपाठी ने आत्महत्या की कोशिश की जो की अब कोमा में है। ऐसे में सत्या ने बड़ा कदम उठाया है। वहीं घटना के तीसरे दिन कुलपति ने शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एडमिट डॉ सत्या के परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों से डॉ सत्या की हालत के बारे में जानकारी ली। सर्जरी विभाग के छात्रों ने किया प्रदर्शन सहपाठी के आत्महत्या की कोशिश करने से नाराज बीएचयू के सर्जरी विभाग जूनियर डॉक्टर्स ने रविवार की देर शाम आईएमएस निदेशक के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने दोषियों पर करवाई की मांग किया। उनका कहना था कि जूनियर डॉक्टर्स पर दबाव ज्यादा है पर सर्जरी विभाग में अत्यधिक दबाव है। जिससे सभी परेशान हैं और इसी परेशानी में डॉ सत्या ने यह आत्मघाती कदम उठाया और इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया। जिससे उसकी हालत गंभीर है। ऐसे में बीएचयू प्रशासन सख्त कार्रवाई करे और काम को लेकर भी कदम उठाए। इन्सुलिन की ओवर डोज लेने से कोमा में इधर शुक्रवार को सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर सत्या ने इन्सुलिन की ओवरडोज किसी बात से नाराज होकर ले ली थी। जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट है। उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और वो कोमा में है। कुलपति ने आईसीयू पहुंचकर जाना हाल-चाल जूनियर डॉक्टर का बीएचयू में ही इलाज चल रहा है। ऐसे में रविवार को कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी ने भी आईसीयू पहुंचकर डॉ सत्या का हाल चाल डॉक्टर्स और उनके परिजनों से लिया। उन्होंने डॉक्टरों को हर पल निगरानी रखने को और अच्छा और बेहतर इलाज दें का निर्देश दिया
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जूनियर डॉक्टर कोमा में, विरोध में उतरे साथी:आईएमएस निदेशक के कार्यालय पर किया विरोध, कुलपति ने ICU में जाना डॉ सत्या का हाल