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बर्रा से लापता हुई युवती की हत्या स्कार्पियो के अंदर गला दबाकर उत्तम हास्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम ने की थी, जबकि शव को शहर से बुलंदशहर ले जाकर हॉस्पिटल संचालक के भतीजे विवेक पटेल और सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह ने ठिकाने लगाया था। पहचान मिटाने के लिए निर्वस्त्र कर शव आम के बाग में फेंक दिया था, लेकिन मृतका की मां ने कलावा और नाक की कील से बेटी के शव की पहचान की है। बर्रा बाईपास से गाड़ी में बिठाया फिर मार डाला डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि युवती ने 19 मई को उन्नाव के सदर कोतवाली में हास्पिटल संचालक के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी जानकारी पर आरोपी हास्पिटल संचालक देवकांत उत्तम ने साजिश रची और फिर 21 मई की दोपहर भतीजे विवेक पटेल के जरिए उसे मिलने के लिए बर्रा बाईपास बुलाया। वह दोपहर 1:06 बजे घर से निकलने के बाद बर्रा बाईपास पहुंची, जहां स्कार्पियो में विवेक और देवकांत उत्तम मौजूद थे। युवती के स्कार्पियो में बैठने के बाद ही देवकांत ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसका शव लेकर उन्नाव के शेखपुर में अपने निर्माणाधीन अस्पताल पहुंचे, जहां देवकांत स्कार्पियो से उतर गया। इसके बाद आरोपी विवेक और अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह शव लेकर गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बुलंदशहर को रवाना हो गए। 22 मई की रात दोनों आरोपी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अनूप शहर हाईवे स्थित आम के बाग में पहुंचे, यहां शव को निर्वस्त्र कर फेंक दिया, जिससे उसकी पहचान न हो सके। शिनाख्त न होने पर बुलंदशहर पुलिस ने कराया था अंतिम संस्कार अगले दिन 23 मई की सुबह स्थानीय पुलिस को शव मिलने की सूचना मिली। शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने 24 मई को अंतिम संस्कार भी करवा दिया था। इधर 24 मई को युवती की मां ने बर्रा थाने में आरोपी हास्पिटल संचालक और उसके भतीजे पर बेटी को अगवा कर हत्या करने की आशंका जताकर तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं आरोपी विवेक पटेल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और 28 मई को उन्नाव के दही इलाके में घायल मिला। जिसने मृतका समेत तीन लोगों पर बंधक बनाकर गोली मारने की सूचना दी थी। हालांकि पुलिस घटना को संदिग्ध मान जांच कर रही थी। 30 मई को हैलट अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद बर्रा पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या और शव ठिकाने लगाने की पूरी कहानी बयां कर दी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम ने भी सोमवार को बर्रा थाने में सरेंड कर दिया था। हालांकि सरेंडर से पूर्व उसने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया था। जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि मैं बर्रा थाने में सरेंडर करने जा रही हूं, मेरा कानपुर, उन्नाव पुलिस से अनुरोध है कि जो भी सच्चाई हो उसे सामने लाएं। साथ ही घटना में शामिल तीसरे आरोपी सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दरोगा भर्ती की तैयारी के दौरान हुई थी मुलाकात, कराया गर्भपात युवती की हास्पिटल संचालक देवकांत उत्तम से पहली मुलाकात वर्ष 2024 में हुई थी, इस दौरान युवती उन्नाव में रहकर दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही थी। 10 फरवरी 2024 को तबीयत खराब होने पर वह दवा लेने के लिए शेखपुर स्थित उत्तम हास्पिटल पहुंची। वहां देवकांत उत्तम ने कुछ देर में दवा दिलवाने की बात कह केबिन में बैठने को कहा। उन्होंने नाम पते की जानकारी के साथ मोबाइल नंबर भी ले लिया। कुछ देर बात करने के बाद दवा दिलवाई, जिस पर वह घर लौट गई। इसके बाद देवकांत उत्तम ने फोन करके बात करना शुरू कर दिया। आरोप था कि शादी करने का प्रस्ताव रखकर बरगलाया और कार में बैठाकर घुमाने लगे। वह अपने कानपुर स्थित फ्लैट पर लेकर गए और शारीरिक संबंध बनाए। 24 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश लेकर गए और वहां होटल में ले जाकर शारीरिक शोषण किया। जब भी वह शादी का दबाव बनाती। कोई न कोई बहाना बनाकर टरका देते थे। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। इस पर देवकांत ने कल्याणपुर स्थित कानपुर के एक अस्पताल में एक अगस्त 2025 को गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसने साथ चलने से मना किया तो पूर्व में खींचकर रखी अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दिया।
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हॉस्पिटल संचालक ने स्कॉर्पियो में गला दबाकर की थी हत्या:निर्वस्त्र कर फेंका था शव, नाक की कील और कलावे से हुई पहचान