जल-निगम के गोदाम में जलाए जा रहे थे सरकारी दस्तावेज:हरदोई डीएम ने दो व्यक्ति पकड़ा, JE समेत 6 लोगों पर FIR


हरदोई में बुधवार सुबह निरीक्षण के दौरान डीएम और अन्य अधिकारियों ने जल निगम के केंद्रीय भंडार से धुआं उठता देखा। जांच में आधार कार्ड, एनसीआरबी दस्तावेज, जांच फार्म और अन्य सरकारी सामग्री जलती मिली। मामले में जल निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और दो निजी व्यक्तियों समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जेल रोड स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के केंद्रीय भंडार में सरकारी संपत्ति और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को आग लगाकर नष्ट किए जाने के मामले में बुधवार शाम कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। लेखपाल वीरेश कुमार की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और दो निजी व्यक्तियों को नामजद किया गया है। पढ़िए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे डीएम अनुनय झा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रफुल्ल त्रिपाठी और उपजिलाधिकारी शाहाबाद क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अधिकारियों की नजर जल निगम के केंद्रीय भंडार से उठ रहे धुएं पर पड़ी। संदेह होने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में सरकारी अभिलेख और अन्य सामग्री जलाकर नष्ट की जा रही थी। इनमें आधार कार्ड, इन्वेंट्री रिकॉर्ड, एनसीआरबी से संबंधित दस्तावेज, एकीकृत जांच फार्म (I.I.F.-I), आईडेंटिफिकेशन जैकेट तथा विभिन्न प्रकार के केमिकल शामिल थे। अधिकारियों ने पाया कि गोदाम को अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था। डीएम के निर्देश पर चौकीदार मेवाराम ने गोदाम का ताला खोला, लेकिन बाद में मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। सामग्री नष्ट करने के मामले में कोई आदेश नहीं कार्रवाई के दौरान मौके से दो निजी व्यक्तियों ऋतुराज त्रिपाठी और विपिन मिश्रा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों व्यक्ति तथा विभागीय अधिकारी सामग्री नष्ट करने संबंधी कोई वैध अनुमति या सक्षम अधिकारी का आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके। प्राथमिकी के अनुसार, मामले में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रभारी अवर अभियंता नवनीत सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता अमित कुमार सिंह, चौकीदार मेवाराम, केयरटेकर सालिकराम तथा दो निजी व्यक्तियों ऋतुराज त्रिपाठी और विपिन मिश्रा की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने, सरकारी अभिलेख नष्ट करने और आपराधिक साजिश रचने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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