मिर्जापुर में 'नाद प्रवाह' कार्यशाला संपन्न:छात्रों ने शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया


मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित ‘नाद प्रवाह’ ग्रीष्मकालीन शास्त्रीय गायन कार्यशाला का समापन बुधवार को बल्ली का अड्डा स्थित प्लेवे स्कूल में हुआ। इस अवसर पर संगीत, कला और संस्कृति जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा एवं नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के पूर्व अध्यक्ष मनोज जायसवाल थे। पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव और प्लेवे स्कूल की निदेशिका जयश्री जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं। गणेश प्रसाद अवस्थी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कार्यशाला का संयोजन सोमेश्वरपति त्रिपाठी ने किया, जबकि मंच संचालन संस्कार भारती मिर्जापुर के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने किया। प्रसिद्ध संगीतज्ञ नम्रता मिश्रा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण दिया। पंडित छन्नूलाल मिश्र की सुपुत्री नम्रता मिश्रा ने प्रतिभागियों को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों, रागों की संरचना और गायन की विभिन्न विधाओं का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और युवा पीढ़ी में संगीत के प्रति बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को प्रतिभा निखारने और भारतीय संस्कृति व कला परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण बताया। समापन समारोह में कार्यशाला के सभी विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास और समर्पण के साथ संगीत साधना जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रतिभागियों की सांगीतिक प्रस्तुतियां थीं। विद्यार्थियों ने ठुमरी, दादरा और खयाल जैसी शास्त्रीय गायन विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी सधी हुई गायकी और मधुर सुरों से पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। अंत में प्रो. नम्रता मिश्रा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीत साधना व्यक्ति के जीवन को अनुशासित, संस्कारित और समृद्ध बनाती है।

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