श्रावस्ती में दर्जनों आरओ प्लांट मानक विहीन:विभागीय अनदेखी से जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़, सवालों के घेरे में जारों की सफाई व्यवस्था


श्रावस्ती जिले में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर संचालित हो रहे आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) प्लांट सवालों के घेरे में हैं। विभागीय अनदेखी के कारण जिले में दर्जनों से अधिक आरओ प्लांट बिना वैध लाइसेंस और मानकों के धड़ल्ले से चल रहे हैं। यह स्थिति काफी समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कोई प्रभावी निरीक्षण या ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में केवल कुछ ही आरओ प्लांटों के पास वैध लाइसेंस हैं, जबकि अधिकांश बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं। इन प्लांटों में पानी की गुणवत्ता जांच, जारों की सफाई और मशीनों के रखरखाव जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद, न तो नियमित जांच हो रही है और न ही औचक निरीक्षण की कोई व्यवस्था है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर सवाल उठाए हैं कि जब खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा, तब अधिकारी क्या कर रहे। पेयजल सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, और विभाग की यह लापरवाही अब कटघरे में है। हालांकि, संबंधित विभाग ने अब तक कोई निरीक्षण या संबंधित मामले में उचित कार्रवाई नहीं की है। सामाजिक कार्यकर्ता वकार हैदर नकवी सहित कई लोगों ने इस मुद्दे पर विभाग से अपील की है। उन्होंने कहा कि जल जीवन का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए आरओ प्लांटों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जिले में संचालित सभी पानी के प्लांटों का नियमित और औचक निरीक्षण हो। यदि पानी की गुणवत्ता में कमी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का मानना है कि जब तक पारदर्शी जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक जनता को यह भरोसा नहीं होगा कि वे जो पानी पी रहे हैं, वह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। श्रावस्ती में आरओ प्लांटों पर सख्ती और जवाबदेही तय करना अब समय की आवश्यकता है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *