बंगाल में TMC नेता लोगों से लिए कमीशन लौटा रहे:दक्षिण 24 परगना में पंचायत सदस्य ने 45 ग्रामीणों को पैसे लौटाए; मुर्शिदाबाद में उपप्रधान गिरफ्तार


पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब गांव-गांव में नेताओं से अवैध वसूली या रिश्वत (कटमनी) का हिसाब मांगा जा रहा है। कई जिलों में तृणमूल से जुड़े स्थानीय नेताओं पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। बढ़ते दबाव के बीच कुछ नेताओं ने कटमनी के नाम पर वसूले ये पैसे लौटाने भी शुरू कर दिए हैं। कूचबिहार के घुघुमारी इलाके में स्थानीय नेताओं ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को पैसे लौटाने की बात कही। कूचबिहार के ही माथाभांगा शहर के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के 14 लाभार्थियों को उनसे ली गई कमीशन वापस की गई। भाजपा नेताओं का दावा है कि कुछ लाभार्थियों ने पैसे वापस मिलने के बाद स्थानीय मंदिर में पूजा भी की। दक्षिण 24 परगना के नामखाना में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लिए गए 5-5 हजार रुपए ग्रामीणों को लौटाए गए। नामखाना के शिबरामपुर ग्राम पंचायत के तृणमूल पंचायत सदस्य माधव चंद्र लाया ने दावा किया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के खुद 45 ग्रामीणों को पैसे लौटाए। मुर्शिदाबाद में ग्राम उपप्रधान कमीशन लेने के आरोप में गिरफ्तार मुर्शिदाबाद के नूतनग्राम में बांग्लार आवास योजना के तहत कटमनी लेने के आरोप में ग्राम उपप्रधान सिराजुल शेख के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घर दिलाने के नाम पर 5 हजार से 15 हजार रुपए तक लिए जाते थे। जांच के लिए आयोग गठित, सीधे कर सकेंगे शिकायत राज्य सरकार ने 18 मई को कथित कटमनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ‘इंस्टिट्यूशनल कमीशन’ गठित किया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। BJP ने TMC पर ग्रामीणों को धमकी देने का आरोप लगाया स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि TMC सरकार में ग्रामीणों को धमकी दी जाती थी कि अगर वे पैसे नहीं देंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा या जमीन के लेन-देन में बाधा डाली जाएगी। एक अन्य भाजपा नेता जय पाल ने दावा किया कि TMC शासन के दौरान लोग डर के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पाते थे, लेकिन अब वे सामने आकर आरोप लगा रहे हैं। उनके मुताबिक कई लाभार्थियों से आवास योजना की अगली किस्त जारी कराने के नाम पर 15 से 20 हजार रुपए तक वसूले गए थे। TMC ने आरोपों से किया किनारा कूचबिहार जिले के TMC नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का किसी भी तरह की अवैध वसूली या कटमनी से कोई संबंध नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से पैसे लिए हैं तो उसका जवाब उसे खुद देना होगा और पार्टी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती।

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