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एटा में पंचायत सहायकों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। पंचायत सहायक कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पंचायत सहायक विकास भवन पहुंचे और नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष अनुराग के नेतृत्व में पंचायत सहायकों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजकुमार मौर्य को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पंचायत सहायकों के स्थायीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिल रहा ₹6000 मासिक मानदेय महंगाई के इस दौर में बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मानदेय बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करना, स्थायी सेवा नियमावली लागू करना, रिक्त पदों पर समायोजन नीति बनाना, ग्राम पंचायत अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पदों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देना और पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ना शामिल है। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जून 2026 को इको गार्डन, लखनऊ में प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
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पंचायत सहायकों ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया:एटा में स्थायीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग उठाई