गैंगरेप केस में दो आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर:पुलिस अब रिमांड पर लेकर करेगी पूछताछ; दिल्ली से लखनऊ आई छात्रा ने दोस्त पर लगाया था आरोप


राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में नामजद दो आरोपियों ने शनिवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। वहीं तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता जौनपुर की रहने वाली है और दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही है। वह एक निजी कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई भी कर रही है और वर्तमान में द्वितीय वर्ष की छात्रा है। कॉलेज में अवकाश होने के कारण वह 1 मई को अपने घर आई थी। पीड़िता के अनुसार परीक्षा की तारीख आने के बाद वह 15 मई को दिल्ली लौटने के लिए निकली थी। उसके पिता ने उसे जाफराबाद रेलवे स्टेशन से सुहेलदेव एक्सप्रेस में बैठाया था। ट्रेन में बैठने के बाद उसने अपने परिचित शिवम यादव को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा। छात्रा का कहना है कि वह शिवम को करीब चार वर्षों से जानती थी।
चारबाग स्टेशन पर हुई मुलाकात छात्रा के मुताबिक संदेश मिलने के बाद शिवम चारबाग रेलवे स्टेशन पर उससे मिलने पहुंचा। मुलाकात के दौरान उसने छात्रा से अपने कमरे पर चलने का आग्रह किया। बार-बार कहने पर वह उसके साथ चली गई। आरोप है कि शिवम उसे सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र स्थित अपने कमरे पर ले गया, जहां कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर अपने अन्य साथियों से भी गलत काम कराया गया।
तबीयत बिगड़ने पर ट्रेन में बैठाकर भेजा पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो आरोपियों ने उसे जनरल टिकट देकर ट्रेन में बैठा दिया। ट्रेन में सफर के दौरान छात्रा ने अपने माता-पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और मामला सामने आया।
दिल्ली में दर्ज हुआ मुकदमा, फिर लखनऊ ट्रांसफर घटना के संबंध में सबसे पहले दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में मामला जीरो एफआईआर के तहत लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित घटना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने जांच शुरू की।
पांच टीमें तलाश में लगी थीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई गई थीं। घटना के बाद सभी आरोपी मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए थे। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
मुख्य आरोपी के पिता हाईकोर्ट में अधिवक्ता पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी शिवम यादव है, जिसके पिता प्रयागराज में हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। दूसरा आरोपी शनि लखनऊ में रहकर डिलीवरी ब्वॉय का काम करता है। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है।
एडीसीपी पूर्वी रालापल्ली बसंत ने बताया कि दोनों आरोपियों ने शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्हें पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जा रही है, जिसके बाद आगे की पूछताछ और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जाएगी।

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