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लखनऊ में इस्कॉन मंदिर की ओर से युवाओं के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘जीवन यात्रा चर्चा’ संगोष्ठी का पहला दिन शनिवार को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। संगोष्ठी का आयोजन उत्साहपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता, मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग अवसाद, चिंता, तनाव और मानसिक अशांति जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने इन चुनौतियों के समाधान के बारे में बताया। अपरिमेय श्याम ने बताया कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान भगवद्गीता के ज्ञान और सनातन संस्कृति की शिक्षाओं में निहित है। भौतिक उपलब्धियां ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं उन्होंने जोर दिया कि यदि युवा अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाते हैं, तो वे आत्मविश्वास, संतुलन और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि केवल भौतिक उपलब्धियां ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं हैं, बल्कि आत्मिक उन्नति और चरित्र निर्माण भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ‘प्रभुपाद यूथ आर्मी’ का गठन किया गया है। जीवन की जटिल समस्याओं के समाधान पर जानकारी ‘प्रभुपाद यूथ आर्मी’ के माध्यम से युवाओं को भगवद्गीता का ज्ञान, उत्तम संस्कार, आध्यात्मिक शिक्षा और सकारात्मक संगति प्रदान की जाती है। इसका लक्ष्य युवा शक्ति को संस्कारित, जागरूक और सकारात्मक दिशा देना है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को भगवद्गीता के महत्व, आध्यात्मिक जीवन की आवश्यकता और आधुनिक जीवन की जटिल समस्याओं के समाधान पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने समझाया कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को अधिक सार्थक, संतुलित और सफल बना सकता है।
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लखनऊ में इस्कॉन की 'जीवन यात्रा चर्चा' संगोष्ठी:युवाओं को तनाव और अवसाद से उबरने का दिया संदेश